चंदा का संघर्ष – पुष्पा पाण्डेय 

किसी-किसी की जिन्दगी संघर्ष का पर्याय बन जाता है। चंदा जब आठ साल की थी तभी से संघर्ष के साथ जीना सीख लिया था। माँ को बिमारी ने छीन लिया और एक साल बाद ही पिता ने चंदा के लिए नयी माँ ला दी। खिलौने से खेलती-खेलती चंदा कब किसी के हाथों की खिलौना बन … Read more

मां तुम एक कमल की तरह हो – सुषमा यादव

मेरी प्यारी मां, अपने पिता जी की इकलौती संतान। मेरे नाना जी को पहली शादी रास नहीं आई थी, वो बहुत जल्द भगवान को प्यारी हो गईं थीं, परिवार ने उनकी दूसरी शादी करवा दी,पर वो भी अपनी इस नन्ही सी बच्ची को जो एक साल की थी छोड़कर असमय ही चलीं गईं। सबके बहुत … Read more

एक थी विद्या – किरन विश्वकर्मा

रामनगर का गांव हरिहरपुर मास्टर जी लकड़ी की कुर्सी पर बैठे हुए बच्चों को पढ़ा रहे थे सभी बच्चे जमीन पर टाट की पट्टी बिछा कर बैठे हुए थे आम के पेड़ के नीचे उसकी छाया में गुरु जी की क्लास लगती थी। सभी बच्चे मास्टर जी की बातों को ध्यान से सुन रहे थे। … Read more

जैसे को तैसा – बेला पुनिवाला 

मर्यादा एक बहुत बड़ा शब्द है, जो बचपन से हर लड़की को सिखाया जाता है, धीरे से बोलो, धीरे से हँसो, बड़ों का मान-सम्मान करो, घर का सारा काम सीखो और भी बहुत कुछ लड़कियों को बचपन से सिखाया जाता है और वह लड़की बिना किसी सवाल किए इन सब बातों का, इन सब रीती-रिवाज़ो … Read more

 सॉरी – गुरविंदर टूटेजा

मीनल जल्दी कर बेटा ट्रेन का टाइम हो रहा है अपने सारे डॉक्यूमेंट रख लिए ना…?? जी पापा सब रख लिए हैं आप चिन्ता मत करों मैं अच्छे से मन लगाकर पढ़ाई करूँगी…मुझे पता है आपने कितनी मुश्किल से फीस भरी है आप अपना और मम्मी का ध्यान रखना और फिर मेरे साथ पारूल भी … Read more

 अजीब दास्ताँ – पुष्पा जोशी

आज इतने वर्षों बाद सेठ ब्रजमोहन के घर खुशियों ने दस्तक दी है,उनके एकलोते बेटे मालव की पत्नी केतकी उम्मीद से थी, जैसे ही महिला चिकित्सक ने यह खबर दी घर में खुशी की लहर दौड़ गई। केतकी की उम्र ४४ साल थी,इस उम्र में शारीरिक परेशानी कुछ ज्यादा थी। डॉक्टर ने बेडरेस्ट की सलाह … Read more

योद्धा – कमलेश राणा

जानकी और ओमी के पास सब कुछ था बस कमी थी तो एक औलाद की लोग जानकी को बांझ कहते और ओमी को दूसरे विवाह की सलाह देने से बाज़ नहीं आते आखिर ईश्वर ने 10 वर्ष के लंबे इंतज़ार के बाद कन्या रत्न से नवाजा। घर में खुशियाँ मनाई गई, पूरे गांव में लड्डू … Read more

 सपना – बालेश्वर गुप्ता

आज मनी बहुत ही प्रसन्न थी,आज उसका सपना पूरा हो रहा था।20 वर्ष हाँ पूरे 20 वर्ष उसके जीवन मे कैसे बीते वो सब चलचित्र की तरह उसकी आँखों के सामने तैर रहे थे।         अभी शादी को दो वर्ष ही बीते थे गोद मे मुन्ना आ गया।पूरा संसार ही बदल गया, हर समय मुन्ना की … Read more

रिश्ता ये कैसा – कुमुद चतुर्वेदी

अस्ताचलगामी सूर्य की ओर मुँह किये एक आदमी समुद्र के किनारे दोंनों हाथ उठाये खड़ा था मानो ताजी हवा ले रहा हो कि अचानक वह पानी में कूद गया और डूबने लगा। कुछ लोग जो तैरना जानते थे एकदम पानी में कूद पड़े और थोड़ी देर में ही उस व्यक्ति को कंधे पर लादे बाहर … Read more

मेट्रीमोनियल वाली शादी – डॉ उर्मिला शर्मा

कोर्ट के कॉरिडोर में खड़ा नवीन रुचि को चार साल की गोल- मटोल नन्ही टियारा को सीढ़ियों से उतारकर ले जाते हुए प्यार भरी निगाहों से देख रहा था। उसका मन कर रहा था कि लपककर टियारा को बाहों में भरकर खूब प्यार करे। लेकिन यह आसान न था। न ही रुचि टियारा को उसके … Read more

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