सालगिरह की सौगात – आरती झा आद्या

“दिवाली की सफाई के बाद थकी हारी सुहानी आराम कुर्सी पर अथलेटी सी बैठी थी, तभी गेट खोल कर दफ्तर का चपरासी रामविलास दाखिल हुआ।  “बहु जी, यह चिट्टियां लेकर आया हूँ, साहब का फोन भी आया था, मुंबई से कोलकाता के लिए चल पड़े हैं परसों लौट आएंगे।” उसने चिट्टियां देते हुए कहा। सुहानी … Read more

“संघर्ष सफर का” – डॉ. अनुपमा श्रीवास्तवा

तालियों की गड़गड़ाहट से समूचा हॉल गूँज उठा। तभी माईक पर आवाज गूंजी…… डॉ. स्मृति आप यहां आयें और अपनी मंजिल आपने कैसे पाया कृपया उसके बारे में दो शब्द कहें । यहां उपस्थित सभी मेहमान तथा मेडिकल कॉलेज के छात्र आपके यहां तक के सफर और संघर्ष की कहानी आपकी ही जुबानी सुनना चाहते … Read more

मुनिया – मीनाक्षी सिंह

हे प्रभु ,ये क्या अनर्थ कर दिया ,मेरी फूल सी आठ साल की बच्ची  से उसकी माँ को छीन लिया ! मुझे ले लेता ,मेरी तो इस दुनिया में कोई ज़रूरत नहीं थी ! अपनी प्रिया पर भी जीते जी बोझ ही था ! बेचारी उस दिन बारिश में मुझ अपाहिज के लिए ही तो … Read more

उपहार – आरती झा आद्या

हैप्पी रोज डे मेरी जान…हॉस्पिटल रूम में स्तन कैंसर से ठीक हुई शून्य में ताकती रोहिणी की आंखों के सामने गुलाब थामे खड़ा हुआ उसके पति अभिनव ने कहा। ओह आप…आपने तो मुझे डरा ही दिया… भावविहीन चेहरे से अभिनव को देखती पैंतीस साल की रोहिणी ने कहा। क्या हुआ रोहिणी.. पूरे साल किसी भी … Read more

बात एक रात की – स्नेह ज्योति

घनी बरसात की रात थी,बस की धीमी रफ़्तार थी,ड्राइवर भी बेहाल था बारिश में मुसाफ़िरों को सही पहुँचाना जान जोखिम का काम था।धीरें-धीरें यात्री अपनी मंजिल पे उतरने लगे..…अचानक मेरी नज़र पीछे बैठी महिला पे पड़ी जो सोच में डूबी बेचैन दिखी,शायद घर जाने का सोच रही थी,अगले ही पल बस ख़राब हो गयी ड्राइवर … Read more

अलविदा – रोनिता कुंडू

बेटा…! इस बार होली पर आ रहा है ना..?  रितेश:   नहीं मां..! 1 दिन ही छुट्टी है… कहां 1 दिन के लिए इधर उधर दौड़ भाग करूं..?  साधना जी:   बेटा…! ना जाने कितनी ही होली दिवाली गई, पर तेरा चेहरा नहीं दिखा…. बेटा..! हमारी भी उम्र बढ़ रही है, हम हमेशा तो नहीं … Read more

संघर्ष – बेला पुनिवाला

एक औरत का पूरा जीवन संघर्ष ही तो है, अपने जीवन में कई उतर-चढाव वो चुप रह के सह जाती है, ऐसा ही कुछ मेरी कहानी की लक्ष्मी और उसकी माँ के साथ हुआ था।        लक्ष्मी अपने माँ-बाप की बड़ी लड़की थी, लक्ष्मी के जन्म से घर में सब खुश तो थे, मगर मन ही … Read more

जीवन भर संघर्ष – गीता वाधवानी 

मैं आज आपको एक ऐसी महिला की कहानी सुनाने जा रही हूं जिसका पूरा जीवन संघर्ष में ही बीता। रंग गोरा, कद छोटा, चेहरे पर हर समय मुस्कुराहट और काम करने में नंबर वन। कोई भी काम कह दो करने के लिए तुरंत तैयार हो जाती। नाम देवी। पैदा होते ही मां को खा गई, … Read more

बड़ी जिज्जी – डा.मधु आंधीवाल

बड़ी जिज्जी ४.११” लम्बाई पीठ पर छोट सा कूबड़ था पर बाल तो भगवान ने थोक में देदिये थे । यही उनकी सुन्दरता थी । हम लोगों  का भरा पूरा परिवार था । सम्मिलित परिवार बहुत सारे भाई बहन थे। जिज्जी सबसे बड़ी थी ,अपने मां बाप की बहुत लाड़ली और हम सब बच्चों को … Read more

एहसास – बेला पुनिवाला : Moral stories in hindi

डॉली ने अपने पापा को फ़ोन लगाया, डॉली के पापा सामने से कुछ कह पाते, उस से पहले ही डॉली ने बात करना शुरू कर दिया,” हेलो, पापा ! कल आपको मेरे कॉलेज के कन्वोकेशन सेरेमनी में आना ही है, चाहे कुछ भी हो जाए। “      डॉली के पापा यानी मैंने कहा, कि ” मैं … Read more

error: Content is protected !!