पिता का क्षमादान – सरोज माहेश्वरी
भारत के एक गांव में रामदीन अपनी पत्नी ,बच्चे के साथ रहते थे। अपनी थोड़ी सी पुश्तैनी ज़मीन पर खेती बाड़ी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। खुद्दारी इतनी किसी से भी कोई मदद न लेते। उनका एक बेटा रोहित था …. रोहित उनकी जान था। रामदीन बेटे को पढ़ा लिखा कर योग्य … Read more