दृष्टिकोण – दीपा माथुर
राधेश्याम जी हाथ को पीछे किए लोन में चक्कर काटे जा रहे थे और मन ही मन बड़बड़ाने का सिलसिला जारी था। तभी उनकी पत्नी मृदुला जी पानी का गिलास लेकर पहुंची ” ये लीजिए कम से कम कुल्ला तो कर लीजिए।” हो सकता है ट्रेन लेट हो। राधेश्याम जी ने घड़ी देखी फिर बोले … Read more