दृष्टिकोण – दीपा माथुर

राधेश्याम जी हाथ को पीछे किए लोन में चक्कर काटे जा रहे थे और मन ही मन बड़बड़ाने का सिलसिला जारी था। तभी उनकी पत्नी  मृदुला जी पानी का गिलास लेकर पहुंची ” ये लीजिए कम से कम कुल्ला तो कर लीजिए।” हो सकता है ट्रेन लेट हो। राधेश्याम जी ने घड़ी देखी फिर बोले … Read more

“इज्ज़त” – चंद्रमणि चौबे

पिता जी जिला कैमूर में सिविल सेवा  सर्विस से   रिटायर हो घर आ चुके हैं घर में तीन बहू, बेटे  और दो उनकी बेटियां है। काफी  खुशहाल परिवार है। मैं घर की सबसे बड़ी बहू होने के नाते मेरा उत्तरदायित्व भी बड़ा है। सासू मां के नही होने के कारण घर की इज़्ज़त हाल … Read more

ओहदा – मीनाक्षी सिंह

बीटिया आ रही  हैँ पूरे एक साल बाद ! ए रे कल्लू ,ज़रा वही गर्मागरम गुलाब जामुन दे दे एक किलो ! हाँ जी वर्मा जी ,हम जानते हैँ हमारी बीटिया को कितने पसंद हैँ ! तुम नहीं भी ले ज़ाते तो  अपने नाती को देखते ही घर भिजवा देता ! भई अब तो लोग … Read more

दूरदर्शन – गुरविंदर टूटेजा 

महिमा व अजय की आज शादी को पच्चीसवीं साल हो गये थे….महिमा ने कहा आज वो समय याद आ गया जब हमारा आँखों ही आँखों में हुआ प्यार परवान चढ़ा था..वो भी भीड़ के बीच में पता ही नहीं  चला कि कब जादुई डिब्बें का जादू हम पर चल गया…और वो बच्चों को बताने लग … Read more

डरना नही – संगीता अग्रवाल 

नियति यूँही फेसबुक खोल पोस्ट स्क्रॉल कर रही थी । पतिदेव के ऑफिस जाने और बच्चो के कॉलेज चले जाने के बाद उसके पास काफी समय होता था जिसे वो सोशल मीडिया पर शायरी लिखकर गुजारती थी। आज भी जब स्क्रॉल कर थक गई तो एक शायरी ग्रुप मे लिखने बैठ गई। ” किसी के … Read more

क्या कहेंगे लोग – आरती झा आद्या

क्या बात है आजकल बहुत बैचेन रहते हो…पति राम के बालों को सहलाती दीया ने पूछा। नहीं कुछ नहीं… क्यूं बालों को खराब कर रही हो…आशा के हाथ झटकता राम चाय का कप उठा घर की छत पर चला गया।  राम की इस प्रतिक्रिया से दीया आवक सी उसे छत पर जाती देखती रह गई। … Read more

छुटकी चंदा  – मधु झा

आज पति के साथ बैंक गयी तो कोने वाली टेबल पर कोई जाना-पहचाना चेहरा लगा,, मैं सोच ही रही थी उसके बारे में कि वो आकर मुझसे कहने लगी –आँटी, मुझे पहचाना,,? मैं आपकी छुटकी चंदा,,। मैं याद कर चौंक पड़ी और उसे देखकर खुशी से आँखें नम हो गयी,,,,। आज से करीब बारह-पंद्रह साल … Read more

डरो नहीं बेटियां…! – रोनिता कुंडू

सुनो माया..! जब हमारा बेटा हो जाएगा, ना… हम माता रानी के दर्शन के लिए ज़रूर चलेंगे….  अशोक ने अपनी पत्नी माया से कहा…  माया:   बेटा मतलब..? आपको कैसे पता बेटा ही होगा..? बेटी भी तो हो सकती है ना..? अशोक:   क्यों करती हो ऐसी बात…? जब कुछ अच्छा नहीं सोच सकती, तो … Read more

‘ इज़्जत की रोटी ‘ – विभा गुप्ता 

शहर का प्रसिद्ध श्री कृष्णा सभागार आज लोगों से खचाखच भरा हुआ था।अवसर था ‘ लेडी ऑफ़ द ईयर ‘पुरस्कार देने का।मुख्य अतिथि के आते ही उनको  फूलों का हार पहनाकर ज़ोरदार स्वागत किया गया।उद्घोषक महोदय ने मंच पर आकर जैसे ही पुरस्कार की विजेता श्रीमती मालिनी शर्मा का नाम पुकारा तो सारा हाॅल तालियों … Read more

सन्यासी – मुकुंद लाल 

गर्मी का मौसम था। स्कूल मार्निंग हो गया था। वसुधा सुबह उठकर सबसे पहले उसने अपने दैनिक कार्यों को निपटाया, फिर अपने पुत्र आलोक, पुत्री रितु, दोनों को दुलारे-पुचकारते हुए उठाया। दोनों उठकर दैनिक क्रिया-कर्म में लग गए। उससे फारिग होकर स्कूल जाने की तैयारी में जुट गये। वसुधा ने भी फुर्ती से चाय-नास्ता तैयार … Read more

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