मेरी बहू सबसे अच्छी…. – सविता गोयल

नमिता जी और प्रकाश जी आज बहुत खुश थे। आज उनके बेटे विहान को एक बड़ी कंपनी में सी ई ओ की पोस्ट मिली थी । नमिता जी को अपनी परवरिश और अपने बेटे की काबिलियत पर बहुत नाज था। अब बस वो जल्दी से अपने बेटे के लिए उसके लेबल की ही बहू लाना … Read more

क्या आप अपनी पत्नी की मदद करते हैं ???? – सुषमा यादव

 समाचार पत्र में एक खबर पढ़ी थी, जिसमें अमीर लोग घर का काम बड़े ही शौक से करते हैं,, कोई घर का राशन लाना पसंद करता है तो किसी को रसोई में घुस कर खाना बनाना पसंद है,तो कोई घर का कचरा डालना चाहता है, दुनिया के तमाम अरबपतियों को अपने किचन से बेहद लगाव … Read more

गरीबों की भी इज्जत होती है – पुष्पा जोशी

‘तुझे अपनी लड़की की चिंता है कि नहीं, इज्जत क्या होती है तू क्या समझेगी.यह समझना तेरे बस की बात नहीं, तुम गरीबों की क्या इज्जत.कितनी बार समझाया कि चांदनी को उस सोमेश के यहाँ काम पर मत भेज, मगर मानती ही नहीं.तुम दोनों पति-पत्नी काम करते हो, फिर क्या जरूरत है उसे इस तरह … Read more

‘ पत्नी हूँ मैं ‘ –  विभा गुप्ता

 एक दम्पति साथ बैठकर टेलीविजन पर एक धारावाहिक देख रहें थें।दृश्य में पुरुष पात्र आराम से कुर्सी पर बैठा था और महिला पात्र जो कि पुरुष की पत्नी थी,भोजन परोस रही थी।फिर उसने पति को जूस का गिलास दिया और जूते लाकर दिये।दृश्य-परिवर्तन होता है जिसमें पति ऑफ़िस से आता है तब पत्नी पानी-चाय देती … Read more

यह कैसा न्याय  – डॉ उर्मिला शर्मा

फुलवा आंगन में घूंघट काढ़े लाल गोटेदार साड़ी पहने और उसपर लाल सितारों जड़ी चुनरी ओढे पीढ़ा पर सकुचाई सी पर बैठी थी। गेहुएं रंग की तीखे नैन- नक्श, बड़ी-बड़ी आंखे  और लंबे बालों की चोटी नागिन सी धरती छू रही थी। माथे पर बड़ी सी गोल लाल बिंदी और आंखों में मोटे काजल उसकी … Read more

बच्चों ने इज्जत बढ़ा  दी – मीनाक्षी सिंह

साल 2014 दिन 8 जून उषा जी के जीवन का सबसे बुरा ,दुख से भरा दिन ! बड़ी बीटिया के ब्याह के मात्र सात दिन शेष ! पति फौज में सूबेदार के पद पर तैनात थे ! बच्चों को लेने आ रहे थे ! अपने पैत्रक गांव से विवाह कर रहे थे ! घर में … Read more

जीवन की पूर्णता का सुख  – मधु झा

कुसुम ने अपनी सहेली सविता को अपनी बहू मीता के आने की खुशखबरी देते हुए  घर आने का निमंत्रण भी दे दिया। वो तो चार दिन पहले से ही बहू के आने की  तैयारी में लग गयी थी । बेटा-बहू या बेटी-दामाद कोई भी आते हैं तो कुसुम इसी तरह बड़े उत्साह और ख़ुशी से … Read more

पुत्र-प्रेम –  मधु झा

विजय प्रताप एक बहुत ही सुलझे हुए, पढे-लिखे, समझदार व रसूखदार इंसान थे,,।उनका रौब ही नहीं उनकी नेकी भी दूर-दूर तक प्रसिद्ध थी,,।वे नियम व उसूलों के जितने पक्के थे, उतना ही सभी के मददगार भी,,। बस एक बात की कमी थी कि इतने खुले हृदय के होते हुए भी,,शादी-ब्याह के मामले में रूढ़िवादी थे … Read more

इज्जत – डाॅ संजु झा

सरोज एक संपन्न परिवार  की खुबसूरत लड़की है।नाम के अनुरूप ही उसका चेहरा सदा खिला-खिला रहता।माता-पिता संपन्न थे,परन्तु गाँव में रहते थे।दसवीं की परीक्षा अच्छे से नंंबरों से उत्तीर्ण होने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए सरोज शहर आ जाती है।काॅलेज के हाॅस्टल में रहती है।गाँव से शहर आने के साथ ही उसके सपने … Read more

कैद तोता – मंजू तिवारी

  बच्चे तोता चिड़िया छोटे पिल्लो के साथ खेलने के लिए इनको पालने के लिए क्या-क्या नहीं करते हैं।,,,,,,, नन्ही सी तनु ने भी कहीं से सुन रहा था कि तोता  हम इंसानों की तरह बात करता है। फिल्मों में तो देखा था लेकिन हकीकत में कभी उसने बात करते हुए तोते को नहीं देखा था,,,,,,  … Read more

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