किसान का कर्ज़ – विभा गुप्ता

 अविनाश कृषि महाविद्यालय में प्रोफ़ेसर थें।पढ़ाने के बाद उन्हें जो भी समय मिलता,उसमें वे आसपास के गाँवों में जाकर वहाँ के किसानों को उन्नत खेती करने के तरीके बताते थें,साथ ही,उपज बढ़ाने और बीज-मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार कैसे की जाए, की जानकारी भी उन्हें देते थे।       एक बार ‘कृषि में नई तकनीकि’ विषय पर … Read more

बहु का विश्वास – दीपा माथुर

अम्मा रिटायरमेंट के बाद बाबूजी चिड़चिड़े से हो गए है पहले कितने हसमुख थे। अम्मा  निक्कू के बालो में तेल लगाती हुई बोली ” अब पहले समय ऑफिस में कट जाता था। अब सुबह सुबह सैर पर जाकर आ जाओ फिर दिनभर खटिया पर पड़े रहो। कुछ भी हो दिव्या ( बहु) फर्क पड़ जाता … Read more

तड़का – अंजू निगम

मैंने सास-ससूर दोनो को खाने पर बिठा दिया था| “हमे एक एक रोटी गरम दिया करो|ठंडी रोटी दाँतो से कटती नहीं|”सासूजी ने कहा|    मुझे भी इस बात का अहसास था और दोनो को गरम खाना ही मिले,इस बात का खास ध्यान रखती थी|   “बहू,सब्जी बहुत स्वाद बनी हैं|”ससूरजी ने कहा तो मेरा चेहरा खिल उठा| … Read more

” ननद भाभी ” – डॉ. सुनील शर्मा

बहु आंगन में नल के नीचे रात के झूठे बर्तनों से जूझ रही थी. उधर दालान में बैठी सासू मां नहा धोकर, पूजा पाठ कर चाय के लिए आवाज़ लगा रही थीं. दो-तीन बार पुकारने पर भी जब ‘ अभी लाती हूं, अम्मा जी ‘ ही जवाब मिला तो सासू मां दनदनाती हुई आईं और … Read more

बहू। बहू ना हुई-पिंजरे की मैना हो गई – कुमुद मोहन 

रीना! बहू को अच्छी तरह से समझा दियो मेरे सामने मुंह उधाड़ के खड़ी ना हो जाया करे| बहुओं का खुल्ला सिर मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं” अम्माजी ने अपनी बेटी रीना को कहा जो अपनी नई नवेली भाभी रितु के कमरे में खड़ी थी। अम्मा जी दनदनाती हुई कमरे में चली आई थीं| रितु … Read more

अच्छी बहू बाज़ार में नहीं मिलती – रश्मि प्रकाश

‘बधाई हो सुमिता तेरी बेटी की शादी तय हो गई….तेरी राशि है बड़ी क़िस्मत वाली जो बहुत जल्दी उसका रिश्ता तय हो गया….अब तोबेटी ससुराल चली जायेंगी….देखना कही उसकी सास रति की सास जैसी नहीं हो….बेचारी रति का जीना दुश्वार कर दिया है उसकीसास ने।“सुमन अपने लय में सुमिता से कहे जा रही थी सुमिता … Read more

“किसी ने अपना बना के मुझको मुस्कुराना सिखा दिया” – सुधा जैन

मेरा वादा है, आपसे जो भी लिख रही हूं सच लिख रही हूं… मेरे बेटे शुभम की बहू श्रेया के साथ शादी को 6 वर्ष पूरे हो गए हैं। एक आम मां की तरह मेरा भी सपना यही था कि बहुरानी घर में आए… मैं उसे को प्यार करूं.. रानी बनाकर रखूं.. बिल्कुल अपनी बिटिया … Read more

ज़िन्दगी की तल्ख हकीक़त – मधु झा

तलाक,, शब्द सुनकर रेहाना अवाक रह गयी,,वो सोचने लगी ,क्या ये वही दानिश है जिसे उससे बेइंतहा मोहब्बत थी,,जो मेरे बग़ैर ज़िन्दगी का तसव्वुर भी नहीं कर सकता था और जिसने पूरी ज़िन्दगी साथ निभाने का वादा किया था,,। “मैं तुमसे मोहब्बत अब भी करती हूँ मगर अपनी खुद्दारी छोड़कर तुम्हारे साथ नहीं रह सकती। … Read more

नयी पहचान – मधु झा

स्निग्धा और उसका पूरा परिवार खुश था। शैलेश के साथ रिश्ता करके। शैलेश उच्च शिक्षित और अच्छे पैकेज पर एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत था। देखने में भी खूबसूरत और स्मार्ट था और स्निग्धा को जो बात सबसे ज़्यादा पसंद आयी , वो ये थी कि शैलेश और उसके परिवार वालों को स्निग्धा की आगे … Read more

माँ यह मेरा बेटा है – के कामेश्वरी 

माँ यह क्या कर रही हैं आप? रिचा ने चिल्लाकर माँ से कहा ।   संचिता ने कहा कि- मैंने क्या किया है रिचा? रिचा— माँ मुझे मालूम है कि आपको लड़के बहुत पसंद हैं । मेरे बाद मेरा भाई मरा हुआ पैदा हुआ था । इसमें मेरी क्या गलती है । आप मुझे किस बात … Read more

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