चौथा बेटा – रंजू अग्रवाल ‘राजेश्वरी’
बहु शब्द कानों में पड़ते ही साड़ी में लिपटी ,सोलह श्रृंगार से सजी ,संकोची ,शर्मीली ,सुसंस्कृत महिला की छवि मानसपटल पर उभरती है ।और कहीं इस पूर्व अंकित छवि में थोड़ा भी विरोधाभास नज़र आया तो समाज और परिवार उसे अलग ही अलंकारों से सुशोभित कर देता है ।हालांकि आज इस धारणा में कुछ बदलाव … Read more