काश समय रहते अपनी  माँ का सम्मान करने लगते… – रश्मि प्रकाश 

“ माँ बहुत दिन हो गए चलो ना नानी से मिल आते हैं ।” इस बार जब राशि मायके आई तो माँ सुमिता जी से बार बार बोल रही थी पर सुमिताजी टाले जा रही थी  “ बेटा अब तेरी नानी बहुत बीमार रहती हैं.. कभी-कभी तो किसी को पहचानती तक नहीं है… तुम्हें नहीं … Read more

बहू तुमने तो घर की हवा बदल दी  –  सविता गोयल 

पूर्णिमा जी उठ कर कमरे से बाहर निकलीं तो आश्चर्य से देखती हीं रह गईं । कांता जी टी वी के आगे चटाई बिछाकर योगा कर रही थीं…,..   रमाकांत जी पौधों को पानी दे रहे थे ,……सुधीर चुन्नू को नहला रहा था और रूबी रसोई में चाय बना रही थी । पूर्णिमा जी ने … Read more

यह रीति रिवाज मैंने नहीं बनाए – रोनिता कुंडू

मां..! आपको तो पता ही है, 20 दिनों बाद तन्वी की बहन सानवी की शादी है, तन्वी का तो कोई भाई है नहीं… इसलिए मैं सोच रहा था कि, मैं तन्वी के साथ ही 1 हफ्ते पहले चला जाऊं, इससे उनको काफी मदद मिल जाएगी… विशाल ने अपनी मां आशा जी से कहा… आशा जी: … Read more

एक बहू ऐसी भी – कामिनी मिश्रा कनक

माजी सुनती है 12:00 बज गए हैं  मैं जा रही हूं अब सोने के लिए ।  बस 2 मिनट रुक जाओ मैं ब्रश करके आ रही हूं । फिर थोड़ा मेरे पैरों में तेल लगा देना आज बहुत दर्द हैं। मीना – सासू माँ के इंतजार में तेल लेकर बैठ जाती है । 2 मिनट … Read more

वैशाली ,माँ पापा ने भी कह दिया हैँ ,बहू को ले जा अपने साथ – मीनाक्षी सिंह 

एक तरफ पापड़ सुख रहे हैं ,दूसरी तरफ दाई ,अभी हाल ही जन्में लल्ला  को घी से मालिश कर रही हैँ ! ससुर जी एेनक् लगाये घर के बाद नीम के पेड़ के नीचे कुरसी पर बैठे अखबार पढ़ रहे हैँ ! गांव के  आस पास के 7-8 बुजूर्ग पुरूष भी दिनानाथजी (ससुर जी ) … Read more

लोग क्या घर चला देंगे – मीनाक्षी सिंह

सिम्मी अपनी पड़ोसन विमला ,रजनी ,कामिनी की बातों से बहुत परेशान रहती थी ! यहाँ तक कि उनकी टोकाटाकी की आदत से वो अब अपने घर से देखकर निकलती थी कहीं तीनों पंचाईतीन बाहर खड़ी तो नहीं ! एक दिन सिम्मी  के पति विमला को बगीचे में शाम  के समय पानी डालते दिख गए होंगे … Read more

अटूट रिश्ता – डॉ पुष्पा सक्सेना 

फोन की बेल होते ही पंडित राम चरण जी ने फोन उठाया था.मन में धुकधुकी थी इतनी रात में न जाने किसने फोन किया है. राम सब कुशल करें. फोन के दूसरे सिरे से आ रही आवाज़ ने पंडित जी को संज्ञाशून्य कर दिया. हाथ से फोन का चोगा छूट कर गिर गया, धरती पर … Read more

एक मीरा ऎसी भी – डॉ पुष्पा सक्सेना

डिनर के बाद प्लेजर ड्राइव पर जाते प्रतीक ने पूछा था,यहाँ कोई बार देखा है, आंटी?बार? भला बार से मेरा क्या नाता? क्या करूँगी मैं वहाँ जाकर? वाह! यू एस ए घूम रही हैं और बार में नही गईं। चलिए आज वहाँ ‘कोक’ पीकर आते हैं। मुड़कर पीछे बैठे सुनील से प्रतीक ने पूछा … … Read more

अम्मा – रचना कंडवाल

श्याम लाल जी सुबह फ्रेश हो कंधे पर तौलिया डाल कर नहाने बाथरूम में प्रवेश करने ही वाले थे। अम्मा जो अभी अच्छी भली बाहर बरामदे में बैठकर धूप सेंक रही थी उनके करूण क्रंदन ने उन्हें बाहर आने पर मजबूर कर दिया। श्यामू ओ श्यामू ! बाहर निकल तेरे घर में मेरा गुजारा नहीं … Read more

मेरी बहू सब से अच्छी – उमा वर्मा 

।जी हाँ ।मै अपनी प्यारी बहु की कहानी कहने जा रही हूँ ।एक सुखी गृहस्थी थी उमा की।अच्छे पति, दो प्यारे बच्चे ।घर में सम्मिलित परिवार ।सास ससुर, जेठ जेठानी उनके बच्चे ।सब साथ रहते हुए भी बहुत खुश थे।पति की सरकारी नौकरी थी ।सारी सुख सुविधा मिली हुई थी ।पैसे भले ही थोड़े कम … Read more

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