मैं बहू हूं साहब….. – मंजू तिवारी
मैं बहू हूं साहब,, मेरे अधिकारों पर सदा से मेरी सासू मां का कॉपीराइट चला आ रहा है। शदियां गुजर गई मैं अभी तक अपने अधिकारों को सुरक्षित नहीं कर पाई हूं।,,, मैं एक बंधुआ मजदूर हूं। मैं सदा से घर की धुरी रही हूं। लेकिन मुझे कभी महत्व नहीं दिया गया,,,, कई घरों में … Read more