ब्लैकमेल – नीलिमा सिंघल
“अरे रे,,,ये कांता की बहू को क्या हो गया, कैसा हुलस हुलस कर नाच रही थी,,,,सास ससुर सामने बैठे थे,,और वो नाचने मे मग्न थी,,,,चलो,,,,नाची तो नाची पर गाना भी कौन सा था,,,,,,सास गारी देवे,,,देवर जी समझा देवे,,ससुराल गेंदा फूल,,,,,,,” अभी अभी किसी रिश्तेदार की शादी से वापस आयी मंजुला जी तिलमिला रही थी,,आगे अपनी … Read more