ब्लैकमेल – नीलिमा सिंघल

“अरे रे,,,ये कांता की बहू को क्या हो गया, कैसा हुलस हुलस कर नाच रही थी,,,,सास ससुर सामने बैठे थे,,और वो नाचने मे मग्न थी,,,,चलो,,,,नाची तो नाची पर गाना भी कौन सा था,,,,,,सास गारी देवे,,,देवर जी समझा देवे,,ससुराल गेंदा फूल,,,,,,,” अभी अभी किसी रिश्तेदार की शादी से वापस आयी मंजुला जी तिलमिला रही थी,,आगे अपनी … Read more

 सम्मान की मुस्कान – लतिका श्रीवास्तव

नेहा बहुत तत्परता से अपने काउंटर के सभी कार्य निबटा रही थी,उसकी कार्यकुशलता के साथ उसका अपने कार्य के प्रति निष्ठा और रुझान भी स्पष्ट परिलक्षित हो रहा था…एकमात्र उसका ही काउंटर ऐसा था जहां प्रतीक्षा कर रहे लोगो की लंबी कतार नही थी….वो बहुत शांति से अपने कार्य कर रही थी…भाव हीन सा चेहरा … Read more

सुबह का भूला – नीलम सौरभ

“नहीं मम्मीजी, ऐसा तो अब कहीं नहीं होता…और होता भी होगा तो मुझसे नहीं हो पायेगा!”आज यह पहली बार था कि परिवार की छः माह पुरानी छोटी बहू स्तुति सास की असंगत बात सह नहीं सकी थी तो उलट कर बोल पड़ी थी। वह अब तक विदाई के समय माँ, ताई जी व बड़ी भाभियों … Read more

 समन्वय  – पुष्पा जोशी

     शास्त्री जी बोलते कुछ नहीं, इशारे से कविता को कुछ कहने के लिए मना करते,और हौले से उसके सिर पर हाथ रख देते | कविता को अपने सिर पर एक छत्र महसूस होता ,और सासुजी की बात का, उस पर असर नहीं होता | वह जानती थी ,कि वह कुछ गलत नहीं कर रही … Read more

मै हूं न? – संगीता श्रीवास्तव

घर की चहेती, मोहल्ले की चहेती, धोबिन की चहेती , रामू काका की चहेती, कामवाली बाई की चहेती, सबकी चहेती थीं कुम्मु आंटी। कभी भी किसी की मदद के लिए तत्पर रहती थीं। कभी कामवाली की बेटी की शादी हो, कभी रामू काका के बेटे का जनेऊ हो या साजिदा की मां, धोबिन का रोजा … Read more

घूंघट –  हेमा दिलीप सोनी

सावित्री जी दो देवरानी जेठानी थी, सावित्री की देवरानी गांव में रहती थी, उसके दो बहू थी दोनों गुणी ,सुशील ,सुंदर उनकी बड़ी बहू के हमेशा सर पर घूंघट रहता था। कभी भी किसी ने भी उसे बिना घुंघट के नहीं देखा था, सब उसकी तारीफ करते थे कि आपकी बहू तो बहुत सुंदर, सुशील … Read more

टेस्टेड फार्मूला – विभा गुप्ता

 रीमा और रचना बचपन की सहेलियाँ थीं।विवाह के पाँच साल बाद जब दोनों सहेलियाँ मिलीं तो उन्हें समझ नहीं आया कि कहाँ से बात शुरु करें।पति,सास,बच्चे सब कुछ दोनों एक-दूसरे को बताने के लिए बेताब थीं।      रीमा ने बताया कि उसका पति दिल्ली में साॅफ़्टवेयर इंजीनियर है।उसका बहुत ख्याल रखते हैं।कोई ऐब नहीं है,बस कभी-कभी … Read more

आ अब लौट चले – नीरजा कृष्णा

काफ़ी वर्षों के बाद मिन्नी अपने मम्मी पापा के साथ अपने घर, अपने दादा दादी के घर दिल्ली आई है। उसके बचपन में ही रमेश जी सपरिवार शिकागो में बस गए थे। पूरी तरह होश संभालने के बाद वो पहली बार भारत आई है। पूरा परिवार उनके स्वागत में लगा हुआ था। चाचाजी, चाचीजी और … Read more

लव मैरिज – डॉ अंजना गर्ग

“दीपक मैं क्या सुन रहा हूँ कि आप प्रीति की शादी रोहित से नहीं करना चाहते।” केशव लाल ने कुर्सी पर बैठते हुए कहा। “जी पापा, आपने ठीक सुना यह तुम कह रहे हो , तुम बच्चों की शादी के लिए मना कर रहे हो। जिसने खुद 25 साल पहले लव मैरिज की। जब समाज … Read more

शैतान – गरिमा जैन

मां पता है आज रामू का कुत्ता भी मारा गया !! कम्मो :अरे यह आजकल क्या हो गया है ?गली के सारे कुत्ते बिल्ली जैसे इन्हें किसी की नजर लग गई .बिचारा कोई ना कोई रोज मारा जाता है ।कल विमला की बिल्ली भी तो चौराहे पर मरी मिली थी। अरे बिटवा देख तेरे बापू … Read more

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