मुझ-पर  हक है उसका – रीमा महेन्द्र ठाकुर

अरे गुरू उठ जा  सुबह हो गयी” मां की तीखी आवाज गुरु  के कानो में पडी”  वो कुनमुनाया”” पप्पा आ रहे होंगे “ मै” कल चला जाऊंगा पढने मां”  ये लडका रोज बहाने करता हैं “” पता नही क्या होगा इसका “ मां बडबडाऐ जा रही थी” गुरू ने वापस आंखें बंद कर ली “ … Read more

मां ” बेटी की दहलीज ” – रीमा महेन्द्र ठाकुर

मां  मै वापस आ गयी “ दरवाज़े की कुंडी खटखटाई ”  विनती ने” अंदर से कोई आवाज न आयी “ मां  सो गयी क्या “ मां “मां “ काफी देर तक इंतजार करती रही विनती” क्या हुआ बिटिया कब आयी! बस अभी काकी “ सोचा मां को सप्राइज  दे दूं”  पर ये तो  घोडा बेचकर … Read more

स्वार्थी कौन..? – रोनिता कुंडू

ओफ ओह…! मां… क्या हर छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बना देती हो आप..? अब कहा ना याद नहीं था… मनोज अपनी मां शारदा जी से कहता है… शारदा जी:  बेटा..! यह बाल धूप में सफेद नहीं किए हैं मैंने… मुझे सब पता है… तेरी मां अब तुझ पर बोझ बन गई है… पर क्या करूं … Read more

बहु-बेटी – डॉ रश्मि सक्सेना

अर्चना के दो बेटे थे तो आराम से उनकी परवरिश की ।जब बड़े बेटे की नौकरी लग गई तो उन्होंने उसकी शादी के लिए लड़कियां देखना शुरू किया।बड़े बेटे मोहित की शादी सुरभि से की ।जब बहु आई तो उन्होंने उसे बेटी की तरह रखा सुरभि ने इंजीनियरिंग करी थी अभी उसे एम बी ए … Read more

अपने घर से मायका बन जाने का सफर – संगीता अग्रवाल 

दुल्हन के जोड़े मे सजी रितिका विदाई से पहले अपने पूरे घर को बड़ी हसरत से निहार रही थी। वो घर जो कुछ देर बाद ही उसे छोड़ कर जाना है। अचानक उसकी निगाह हलवाइयों का हिसाब निमटाते पिता पर गई एक दिन मे ही कितनी मायूसी छा गई उनके चेहरे पर अपनी लाडो को … Read more

उस आईने में – आरती झा आद्या

आईना मुझसे मेरी पहली सी सूरत माँगे मेरे अपने मेरे होने की निशानी माँगें कहीं दूर से आ रहे इस गाने के बोल से मिसेज भार्गव अकेले अकेले ही मुस्कुरा उठी। मि.पटेल ने आज की बुजुर्गों की किट्टी में मिसेज ब्यूटी कांटेस्ट की विजेता की घोषणा करते हुए कहा था.. मिसेज भार्गव सुन्दरता और व्यवहारिकता … Read more

बारिश और भीगी सड़क – आरती झा

भीगी सड़क देख अनायास ही अरुण के चेहरे पर मुस्कुराहट खेल गई। उसने पूरी कोशिश की थी कि सामने बैठी पत्नी विधि की नजर उसके मुस्कुराते चेहरे पर ना पड़े।  विधि चाय का कप उठाते हुए पूछ ही बैठी.. बारिश देख अरुणा की याद आ गई क्या… अरुणा अरुण की छोटी बहन..अरुण से महज दो … Read more

कटा हुआ हाथ – आरती झा

दीप के पिता तन्मय जी जल बोर्ड में क्लर्क हैं.. इतनी आमदनी हो जाती है कि अपने परिवार का जीवन यापन सही से कर सके और माँ छवि जी सुघड़ गृहिणी.. जिन्होंने अपने बच्चे को हर तरह के संस्कार से नवाजा है।      दीप बचपन से ही अपने कार्य के प्रति कर्तव्य निष्ठ और पढ़ाई के … Read more

जादू – नंदिनी

सॉरी शब्द केंसा जादू जैसा होता हेना , पल भर में गिले शिकबे शिकायतें झट से गायब कर देता है।  चलिये खुशी की कहानी सुनते हैं आज , वैसे तो बुरा मानने में सबसे आगे बचपन से ही थी जरा किसी ने तेज बोला तो आखिर बोला कैसे ,एक बार ऐसे ही नाराज होकर छत … Read more

वचन – माता प्रसाद दुबे

गीता के मन में भय समाया हुआ था..कि कही रवि के मम्मी पापा उसे अस्वीकार न कर दें..एक हादसे ने उससे उसका सब कुछ छीन लिया था..पहले पिता फिर उसकी मां भी उसका साथ छोड़कर परलोक सिधार गई थी। एक रवि के सिवा उसका साथ देने वाला और कोई नहीं था।रवि दो साल पहले ही … Read more

error: Content is protected !!