अपने पति का हाथ बंटा ले  – मीनाक्षी सिंह

प्रिया एक वर्किंग महिला,शाम को काम  से घर आने के बाद पूरे दिन में एक बार बच्चों को लेकर एक घंटे के लिए  निकलती हैँ पार्क  में ! वहाँ सभी औरतें ठीक हैँ ,बस एक हैँ जिसके बच्चें प्रिया के हम उम्र हैँ 6 और 3 साल के ! हर दिन प्रिया के बच्चों को  … Read more

बहू का प्रमाण पत्र – शुभ्रा बैनर्जी

सौम्या की बेटी की शादी की बातचीत चल रही थी।बेटी पढ़ी-लिखी और समझदार थी ।मां से उसका भावनात्मक लगाव कुछ ज्यादा ही था।बचपन से उसने सौम्या को संघर्ष करते ही देखा था।बड़ी होने पर अक्सर बोलती “मैं शादी नहीं करूंगी कभी।तुम्हारे जैसी अच्छी बहू ना मैं बनना चाहती हूं और ना ही बन पाऊंगी।सारा जीवन … Read more

बेटी से बहू तक का सफ़र – स्नेह ज्योति

संयुक्त परिवार में पली रत्ना बचपन से ही आलसी ,कामचोर रही । काम करने की ज़्यादा आदत ना होने के कारण जल्द ही थक जाती और दूसरों को अपने काम थमा तफ़रीह पे चली जाती । जब तक छोटी थी तब तक सब ठीक था जैसे-जैसे वो बड़ी हुई घर के प्रति जिम्मेदारी काम के … Read more

सास से पंगा.. – संगीता त्रिपाठी

 “मम्मी जी आपके झुमके बहुत सुन्दर है, आप पर बहुत अच्छे लग रहे “बहू प्रीति ने सासू माँ ऊषा की तारीफ करते कहा..।          “तुम्हे पसंद है बहू तो तुम पहन लो, “उषाजी ने कहा    “अरे नहीं माँ, आप उतरिये मत ..,आप का झुमका इतना सुन्दर है मै तारीफ से अपने को रोक ना पाई,”बहू की … Read more

सुंदर बहू – लतिका श्रीवास्तव

देख तुषार मुझे एकदम सुंदर स्मार्ट हीरोइन जैसी बहू चाहिए…. यही लड़की मेरी बहू बनेगी कितनी सुंदर है ये मुझे बहुत पसंद है क्या नाम है इसका …..माला जी तुषार के सामने ढेर सारी फोटो रख कर उत्साहित हो रही थी …कई फोटो देखने के बाद एक यही फोटो उन्हे बहुत ज्यादा पसंद आ रही … Read more

अग्नि परीक्षा – ऋतु गर्ग

अग्नि परीक्षा लक्ष्मी ने आँखों के सपने लिए हुए ससुराल की दहलीज पर कदम रखा तो उसे बहुत सुखद का अहसास हुआ। उसे यह घर अपना लगने लगा।    क्योंकि मायके में हर वक्त यह सुनते सुनते ऊब चुकी थी की एक दिन तुम्हें तो अपने घर जाना है।  यह वाक्य लक्ष्मी के दिन मन को … Read more

छोटी  बहू – अनामिका मिश्रा

रीमा छोटी बहू बनकर आई थी। अभी हाथों की मेहंदी भी कहां छुटी थी, दो ही दिन हुए थे।सासु मां की तबीयत कुछ बिगड़ गई थी,बहुत ज्यादा नहीं पर अब दो बहुओं के रहते बेटों ने कहा, _”मां आराम करो, तुम्हें कुछ कहने की जरूरत नहीं है!” रीमा के पति ने कहा, रीमा माँ की … Read more

बहू – डाॅ संजु झा

अपने एकलौते बेटे की चिन्ता में उमाजी के दिल और दिमाग में शून्यता गहराती जा रही थी।उनका मन इतना उद्वेलित था कि कोई भी काम नहीं कर पा रही थीं।अचानक से फोन की घंटी उनके मन के सन्नाटे को चीरते हुए बज उठती है।घंटी की आवाज सुनकर उनकी बहू रोमा कहती है-” माँजी!फोन उठा लेना।मैं … Read more

 ” सक्षम बहू ” – सीमा वर्मा

तब हमारे पतिदेव का नया- नया तबादला दिल्ली शहर में  हुआ था। मैं इसे संयोग ही कहूंगी,  रेंट पर रहने के लिए मकान ढूंढ़ती हुई मैं मोहिनी के नगर-मुहल्ले वाली कालॅनी में जा पहुंची थी। जहां एक छोटे से घर के दालान पर खड़ी हुई उस मोहक सूरत और बड़े दिलवाली, फर्राटे से खड़ी बोली … Read more

चरित्र का प्रमाण पत्र – आरती झा आद्या

नहीं श्यामा तुम समझती क्यूं नहीं…हमारी शादी नहीं हो सकती है…राघव हॉस्पिटल के कैंटीन में बैठा डॉक्टर श्यामा से कहता है। पार क्यूं डॉक्टर राघव…श्यामा को जब भी राघव की बात बुरी लगती वो उसे इसी तरह संबोधित करती। ओह हो श्यामा… तुम नाराज मत हो प्लीज। मेरी मां के साथ नहीं रह सकोगी तुम … Read more

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