धोखा नहीं अपनापन था – तृप्ति शर्मा
तीन बहनों में सबसे छोटा था मयंक बड़ी मन्नतो के बाद हुआ था। खूब लाड और प्यार से पाला मां बाबा ने ।सबका लाडला, घर का चिराग जिसके खिलखिलाने पर पूरा घर खिलखिलाता था जिसके रोने पर पूरा घर बिलख पड़ता। बेटियां रोशनी थी तो मयंक उजियारा।मां बाबा कहते ,”अब घर पूरा हो गया “।अच्छा … Read more