वक्त ने किया क्या हँसी सितम – उमा वर्मा
आज तीस जनवरी है हमारे बाबूजी ( ससुर जी) की पुण्य तिथि ।उनही की याद में कुछ लिखना चाहती हूँ ।बाबूजी चले गए ।चले तो वे बहुत पहले ही गये थे ।जब मेरे पति और उनके बड़े भाई बहुत छोटे थे।घर के लोगों ने कहा सौतेली माँ के खराब व्यवहार के चलते घर से चले … Read more