श्रृंगार पर हक सिर्फ़ सुहागन का? – सोनिया निशांत कुशवाहा
“अरे जगत की माँ, सोमू कहाँ है? बारात निकलने का समय हो रहा है।” सीमा जी तेज़ कदमों से सोमू के कमरे में पहुँची, तो उनके कदम सोमू को देख ठिठक गए। हल्के आसमानी रंग की प्लेन सिल्क की साड़ी और गले में सोने की चेन पहने सोमू खुद को आईने में निहार रही थी। … Read more