बहू का मायका – अनामिका मिश्रा
शादी के सात साल बीत चुके थे, लेकिन इन सात सालों में अंजलि ने कभी खुद को पहले स्थान पर नहीं रखा। वह उस मध्यमवर्गीय संस्कार की उपज थी जहाँ सिखाया जाता है कि ‘सबकी खुशी में ही तुम्हारी खुशी है’। पिछले तीन सालों से वह अपने पिता के घर, यानी अपने मायके नहीं जा … Read more