“कठोर शब्दों की पीड़ा ” – कमलेश आहूजा
“क्या इसी दिन के लिए तुम्हें इतना पढ़ाया लिखाया था,कि तुम अपने पिता को समझाओ क्या गलत है?क्या सही?मैं मर जाऊँ तो मेरा मुँह भी मत देखना।” पिता के मुँह से ऐसे कठोर वचन सुनकर नेहा बहुत रोई।उसकी गलती सिर्फ इतनी थी,कि वो अपने पापा को ये समझा रही थी..माँ को परेशान ना किया करें … Read more