अनाधिकार निर्णय – शुभ्रा बैनर्जी
“संजना ओ संजना,आज इतनी देर तक सोई हो,तबीयत खराब है क्या?बच्चों को स्कूल नहीं भेजना क्या?” सोम की आवाज सुनकर ,संजना हड़बड़ाकर उठी।जैसे ही घड़ी की तरफ देखा, दंग रह गई।आज इतनी देर कैसे सोई ?तभी भोर का सपना आंखों के आगे नाच गया।छोटी बुआ किसी तकलीफ में है क्या? कब से सोच रही हूं, … Read more