काँच के रिश्ते
रसोई में बर्तनों के टकराने की आवाज़ आज कुछ ज़्यादा ही तीखी थी। दिल्ली की उस सर्द शाम में भी मीरा के माथे पर पसीने की बूंदें झलक रही थीं। उसने गैस का बर्नर बंद किया और गीले हाथों को अपने एप्रन से पोंछते हुए बाहर हॉल की तरफ देखा। वहाँ सोफे पर उसका पति, … Read more