“एक दूजे के सहारे रिश्ते प्यार भरे” – कविता भड़ाना
“प्रिया”, “प्रिया”…. बेटा कहां हो? पुकारती हुई सुलभा जी ने देखा की उनकी नई नवेली बहुरानी ड्राइंग रूम में बैठी ऊंघ रही है….. दिसंबर महीने की कड़कड़ाती ठंड में 5बजे उठ कर नहा धोकर तैयार बैठी अपनी बहु को देख सुलभा जी को बड़ा प्यार आ रहा था, उन्होंने धीरे से जाकर प्रिया को जगाया … Read more