विश्वास की कसौटी
रेवती जी ने श्रुति के आँसू पोंछे और रोहन की तरफ पलटकर बोलीं, “सुन ले रोहन, शादी का रिश्ता कोई शक की ज़मीन पर खड़ी इमारत नहीं होती। ये विश्वास की वो डोर है जो एक बार टूट जाए तो लाख कोशिशों के बाद भी उसमें गाँठ रह ही जाती है। मंडप में जलाई गई … Read more