मां की ममता – खुशी

मां की ममता की कोई कीमत नहीं होती दीदी आपने मेरे बच्चों को सगी मां से बढ़कर प्यार दिया।ये तो बड़ी मामा करते नहीं थकते फिर आज ये बेरुखी क्यों ।भाभी मैं मानती हूं मेरी गलती है पर आपके प्रथम की शादी आपके बिना नहीं ही सकती आप नहीं आई तो ये रिश्ता टूट जाएगा।प्रथम … Read more

*ममता की कोई कीमत नहीं* – तोषिका

मां इस डायरी में तुम हमेशा क्या लिखती रहती हो? सावी ने अपनी मां सावित्री से पूछा। जब मैं ये दुनिया छोड़ कर जाऊं, तब तुम इसको पढ़ सकती हो, मुस्कुराते हुए सावित्री बोली। सावी अपनी मां को बचपन से लिखते हुए देखती आ रही है, पर आज तक उसको यह नहीं पता था कि … Read more

ममता की कोई कीमत नहीं ! – डाॅ संजु झा

रामलाल की नींद आधी रात को अचानक किसी बच्चे के रोने की आवाज से खुल गई।वे एक नजर अपनी सोई हुई पत्नी और नमिता पर डालते हैं और चुपके से दरवाजा खोलकर बाहर निकल जाते हैं। दिसंबर माह में कड़ाके की ठंढ़ पड़ रही थी। उन्होंने खुद को ऊनी शाॅल से अच्छी तरह लपेटा और … Read more

ममता की कोई कीमत नहीं होती ! – सुदर्शन सचदेवा

ममता की कोई कीमत नहीं होती मदर्स-डे का दिन था। पूरा शहर रंग-बिरंगे पोस्टरों, फूलों और ऑफरों से सजा हुआ था। “मां के लिए यह गिफ्ट खरीदिए…” “मां को स्पेशल महसूस कराइए…” हर दुकान पर भीड़ थी। उधर, राहुल भी ऑफिस से लौटते हुए सोच रहा था कि इस बार मां को क्या दूं। पिछले … Read more

ममता की कोई कीमत नहीं – राहुल कुमार

दौलत के तराज़ू में ममता का मोल कहाँ तुलता है, माँ के आँचल सा सुकून दुनिया में कहाँ मिलता है। चुका सके जो माँ का कर्ज़, ऐसा कोई धन बना नहीं, इस निस्वार्थ समर्पण की, सच में कोई कीमत नहीं। ​शाम ढल रही थी। घर के आंगन में तुलसी के पौधे के पास दीया जलाते … Read more

ममता की क़ीमत नहीं होती – रश्मि वैभव गर्ग

कृष्णकली नाम था उसका ..प्यार से सब कली ही बुलाते थे। ग़रीबी के साये में ही आँख खोली थी उसने। कली अपने माँ बाप की सबसे बड़ी संतान थी।उससे छोटी तीन बहिनें और थी। जीवन की कठिनाइयों में शिक्षा प्रायः गौण ही हो जाती है। दसवीं की परीक्षा में कली पूरक आई थी। पिता पर … Read more

रिश्तों की कीमत – तृप्ति देव 

कहते हैं कि घर तब तक घर नहीं बनता जब तक उसमें निस्वार्थ प्रेम की सांसें न गूंजें।  गाँव के आखिरी छोर पर बनी एक जर्जर मिट्टी की झोपड़ी सिर्फ एक ढहती हुई छत नहीं, बल्कि एक अटूट रिश्ते की गवाह थी। उस आंगन में नीम के पेड़ के नीचे बंधी रहती थी— “गौरी”। सफेद … Read more

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