मुझे माफ़ कर दो
राघव और काव्या की सगाई हुए अभी मुश्किल से तीन महीने ही बीते थे। यह वह समय था जब दो अजनबी एक-दूसरे की आदतों, पसंद और नापसंद को समझने की कोशिश कर रहे थे। दोनों परिवारों की रजामंदी से यह रिश्ता तय हुआ था, इसलिए शुरू से ही उन दोनों को मिलने-जुलने की पूरी आज़ादी … Read more