अनकहा ऋण

उस रात मीनाक्षी बहुत रोई। एक तरफ उसका अपना बसा-बसाया घर और बच्चे थे, और दूसरी तरफ मौत की कगार पर खड़ा उसका छोटा भाई। लेकिन मीनाक्षी ने अपने मन को मजबूत किया। अगली सुबह उसने अपने पति से कहा, “मेरे पिता ने मुझे क्या दिया, यह मैं नहीं जानती। लेकिन अंशुल मेरा भाई है। … Read more

अटूट आस की डोर

 जब काव्या को यशोदा के कमरे में ले जाया गया, तो वहां का दृश्य देखने लायक था। पालने में एक नन्हा सा जीव मखमली कपड़े में लिपटा हाथ-पैर चला रहा था। काव्या कमरे में ऐसे दाखिल हुई जैसे कोई तपस्वी अपनी तपस्या का फल लेने आया हो। उसके चेहरे पर जो संतोष, तेज और गर्व … Read more

 उड़ान और जड़ें

 राघव अवाक रह गया। उसने सोचा था कि मीरा उसे देखते ही रो पड़ेगी, शिकायतें करेगी और फिर उसकी दौलत देखकर सब माफ कर देगी। लेकिन यहां तो मीरा किसी और ही मिट्टी की बन चुकी थी। एक ऐसी स्त्री जिसे अब किसी सहारे की दरकार नहीं थी। उसे एहसास हुआ कि उसने दुनिया तो … Read more

दिल की वसीयत

दीपावली का दिन था। छोटे से कस्बे के उस पुराने लेकिन सजे-धजे घर के आंगन में दीये जल रहे थे। घर के दालान में बैठे रिटायर्ड मास्टर दीनानाथ जी की नज़रें बार-बार दरवाज़े की तरफ उठ रही थीं। उनका छोटा बेटा समीर आँगन में रंगोली बना रहा था, जबकि उनकी पत्नी रसोई से पकवानों की … Read more

ऐसी भाभी सबको मिले – डॉ आभा माहेश्वरी

घर के आँगन में आज फिर वही चहल-पहल थी। माँ के चेहरे पर वर्षों बाद इतनी रौनक दिखाई दे रही थी। छोटे बेटे निखिल की शादी थी। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा था और घर की सबसे बड़ी बहू इंद्रा सबकी जिम्मेदारियाँ अपने कंधों पर उठाए बिना थके इधर-उधर दौड़ रही थी। इंद्रा इस घर में … Read more

रिश्ते की मर्यादा – डाॅ उर्मिला सिन्हा

देखते-देखते पांच वर्ष बीत गए। राहुल से रैना ने घरवालों के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। एक बिटिया भी दो वर्ष की हो गई।इस बार  पड़ोस में नई फेमिली आई है भरा-पूरा परिवार है…तीज की तैयारी में पूरा परिवार व्यस्त है। आंटी ने बताया,”मेरी बिटिया यहां आई हुई है… अभी तीज  की तैयारी चल रही … Read more

जलन – दीपा माथुर

आंटी ,कैसी है आप? बालकनी से एक नन्ही आवाज सुनकर मै चौक गई। आप? मै तो यहां नई नई आई हु ना? आप मुझसे बात करेंगी? हा,क्यों नहीं उसकी बात का जवाब देते देते तुलसी की क्यारी में पानी डालने लगी। आंटी देखिये मैने इस क्यूब के सारे कलर मैजिक से एक जगह कर लिए” … Read more

मैली नहीं होगी रेवा: एक मासूम का संकल्प

शादी के बारह बसंत बीत जाने के बाद भी जब सुमित्रा और देवेश के घर की देहरी पर किसी नन्हे पाँव की आहट नहीं गूँजी थी, तो मोहल्ले और कुल-कुटुंब की निगाहें पथराने लगी थीं। कभी इस सिद्ध पीठ की परिक्रमा, कभी उस दरगाह की मन्नत, तो कभी नर्मदा किनारे खड़े वटवृक्ष पर बंधे धागों … Read more

ममता की तराजू

 कल्याणी देवी ने जोर-जोर से हंसते हुए कहा, “अरे जरा इधर तो देखो सब लोग! इसे देखो, यह है हमारे बड़े घर की बड़ी बहू का बायना! पुराने अखबार में लपेटकर भेजा है जैसे किसी भिखारी को दान दे रहे हों। यह पत्थर जैसे काले तिल के लड्डू और यह दो कौड़ी की सूती साड़ी! … Read more

जलन – मंजू ओमर

बेटा शिवम एक गिलास पानी दे दे बेटा, अच्छा माँ लाता हूँ। ये लो माँ पानी,,  लगता है आज आपकी तबियत बहुत खराब है, ऐसा करता हूँ आज मै आफिस से छुट्टी ले लेता हूँ। मेरे पीछे आपको कौन देखेगा, यदि आपको कुछ चाहिए तो कौन देगा। नहीं बेटा तू अपने काम का नुकसान न … Read more

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