वो बंद कमरा और बैग में सिमटी दुनिया – स्वाति जैन
“जिस घर की दीवारों का रंग कभी मेरी पसंद से तय होता था, आज उसी घर में मुझे अपनी एक साड़ी टांगने के लिए ‘इजाज़त’ और ‘जगह’ दोनों मांगनी पड़ी। क्या शादी के बाद बेटियों का हक सिर्फ यादों तक ही सिमट कर रह जाता है?” “सुमित, आपको नहीं लगता मायके का घर चाहे कितना … Read more