पापा कब आओगे? – गीता वाधवानी   : Moral stories in hindi

एक खूबसूरत शहर चंडीगढ़ ,चार लोगों का सुंदर, सुखी , हंसता खेलता मध्यम वर्गीय परिवार। पति सुबोध, पत्नी मीना, 6 वर्षीय पुत्री ख्याति और 4 वर्षीय पुत्र यश।  सुबोध की किरयाने की छोटी सी दुकान थी घर के बाहर वाले कमरे में और उसकी पत्नी मीना घर संभालती थी। जब सुबोध दुकान के लिए सामान … Read more

मां की बरसी – पूजा शर्मा   : Moral stories in hindi

देखो मोहन बेटा! अब तुम भैया को अपने पास लेकर चले जाओ यहां गांव में अकेले कैसे रहेंगे?  भाभी के जाने के बाद बहुत खोये खोये से रहने लगे हैं। अब मेरे हाथ पैर भी कमजोर पड़ गए हैं बेटा  और तुम्हारी चाची की तबीयत भी ठीक नहीं रहती।अब मैं  और तुम्हारी चाची शहर में … Read more

अहमियत – मनीषा सिंह  : Moral stories in hindi

नैना आज बहुत खुश थी! क्योंकि कल अमेरिका से उसके पिताजी के  खास दोस्त जो आने वाले थे। घर में उनके आने की पूरी तैयारी जोर-शोर से हो रही थी!” रमेश जी जो नैना के पिता थे उन्होंने अपनी पत्नी रमाजी से कहा अजी सुनती हो! अजीत को छोले भटूरे बहुत पसंद है कल का … Read more

धोखा – माधुरी गुप्ता  : Moral stories in hindi

जैसे ही पूनम की मां मालती ने करबट बदली,पूनम चुपके से उठी और मां के तकिए के नीचे से चाबी का गुच्छा निकाला,#गिन गिन कर पांव रखते हुए कमरे के कोने में रखी अलमारी को खोला,उसमें रखे हुए कीमती जेवर व कैश अपने बैग में रखा और चुपके से  घर का दरबाजा धीरे से बन्द … Read more

अब मैं नहीं हूॅ॑, ‘फाॅर ग्रांटेड’! – प्रियंका सक्सेना  : Moral stories in hindi

काव्या ने ड्राइंग रूम के बगल में ऊपर जाती सीढ़ियों पर लगी पेंटिंग्स देखकर पूछा,”वाह मोनिका कितनी खूबसूरत पेंटिंग्स हैं, तुमने पेंटिंग सीखी है क्या?” जब तक मोनिका कुछ बताती काव्या तो पेंटिंग्स के पास पहुंच चुकी थी।  मोनिका ने सिर्फ सिर हिला कर मना किया कि उसने पेंटिंग्स नहीं बनाईं हैं और सीढ़ियों से … Read more

सही फ़ैसला – करूणा मलिक  : Moral stories in hindi

 रूबी, तेरा फ़ोन बज रहा है । उठा ले जल्दी, देख कहीं तेरी ससुराल से ही तो नहीं । मम्मी , मैं तो बाथरूम में हूँ । आप ही देख लो ना । अरे , मेरे हाथ तो आटे से सने हैं, नहीं तो उठा लेती । ले ये तो फ़ोन कट गया । चश्मा … Read more

एक अजनबी – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

विवाह के तीन चार साल हो गये थे। विश्विद्यालय की परीक्षा में हिन्दी साहित्य के लिए स्वर्ण पदक विजेता स्वाति चाह कर भी घर गृहस्थी के अलावा कुछ नहीं सोच पा रही थी। कभी लिखना, पढ़ना, गुनगुनाना यही जिंदगी थी उसकी। हिन्दी साहित्य से जुड़ी कोई भी प्रतियोगिता आयोजित होती थी,  महाविद्यालय या विश्विद्यालय की … Read more

अहमियत – मंजू ओमर : Moral stories in hindi

अनुपमा आज एकदम से बिफर पड़ी पति और बेटे पर आखिर तुम लोगों ने मुझे समझ क्या रखा है घर की फुल टाइम नौकरानी हूं ,सबकी जरूरतों का ख्याल रखने वाली आया ,या बस घर में सबको सब चीजें समय से उपलब्ध कराने वाली एक नौकर । उसके मन में जो आ रहा था बस … Read more

अहमियत किसकी – रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

प्रभा जी ने कमर में खोंसी हुई.. चाबी का गुच्छा निकाला… भंडार घर खोलकर… श्वेता को आवाज़ लगाई…” लो जी कहां है बर्तन… किस में डालूं चावल… ऐसा नहीं होता कि बर्तन लेकर आए… फरमाइश चला दी.. की अम्मा दाल चावल निकाल दीजिए… सर पर निकालूं क्या…!”  तभी श्वेता भागती हुई… दो बर्तन लेकर… भंडार … Read more

रिश्तों की अहमियत – गौरी भारद्वाज: Moral stories in hindi

 प्रीति का  सिर दर्द से फटा जा रहा था और आंखें रो-रो कर लाल हो चुकी थी। पर उसकी पड़ी किसे थी? सब अपने-अपने काम में व्यस्त थे। जेठ जेठानी, ननद ननदोई सब अपने अपने घर जाने की तैयारी कर रहे थे।  “तुम्हें तो मेरे माता पिता की सेवा के लिए लाया गया है, उससे … Read more

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