सर्विस वाली बहू सुहागन जैसी दिखती ही नहीं!- अमिता कुचया : Moral stories in hindi

रीना सर्विस करने वाली बहू है।वह एक कंपनी में बहुत बड़ी पोस्ट पर है।और उसे तो सजने संवरने का भी शौक नहीं है ,वह शादी से पहले भी सादगी से रहती थी। उसे ससुराल में ज्यादा रहने का मौका नहीं मिला ,क्योंकि घर से दूर दूसरे शहर में उसकी और उसके पति की नौकरी होने … Read more

जिसके थे उसके काम आ गए…रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

एक तुम्हीं पर तो मुझे भरोसा था… तुमने भी मेरा भरोसा तोड़ दिया… ऐसा कैसे किया तुमने… धिक्कार है तुम्हें जीवा… धिक्कार है… धिक्कार है……!   जीवन उठ बैठा… स्वप्न में मां को इस तरह रोते हुए खुद को धिक्कारता देख उसकी आंखें भर आई… सच ही तो कह रही है अम्मा… मैंने काम ही ऐसा … Read more

धिक्कार है ऐसे बच्चों पर – मंजू ओमर : Moral stories in hindi

शैलजा और उनके पति उमेश जी धर्म-कर्म में बहुत विश्वास रखते थे ।दान धर्म करना, वृद्धाश्रम में बुजुर्गो की सेवा करना , असहाय कमजोर लोगों को भी भरसक मदद करते रहते थे। लोग बच्चों के जन्मदिन पर या अपने जन्मदिन या शादी के सालगिरह पर पार्टी करके लाखों रूपए उडा देते हैं , लेकिन उमेश … Read more

नारी जाति की सबसे बड़ी गाली – सुषमा यादव : Moral stories in hindi

शिवानी की शादी बड़े धूम-धाम से उसी के ही गांव में हुई थी। शिवानी नौकरी करती थी,पर उसके पति राजेश अभी पढ़ाई कर रहे थे।दोनों अलग-अलग शहरों में रहते थे। सब कुछ बहुत ही बढ़िया चल रहा था। शिवानी की सास चाहती थी कि वो जल्दी से पोते को अपनी गोद में खिलाये,। राजेश उनका … Read more

खोखले होते हुए वृक्ष – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral stories in hindi

रात के 11:00 बज रहे थे। टकटकी लगाए हुए माधवी जी अपने मोबाइल को घूरती जा रही थी…एक फोन का इंतजार में…!! भारत में जब मध्य रात्रि होती थी तब अमेरिका में सुबह। वह अपने बच्चों के लिए रात रात भर जाग कर दिन रात एक कर दीं थीं लेकिन बच्चे…!एक फोन तक नहीं कर … Read more

विश्वास का कत्ल हमेशा अपने ही करते हैं – बीना शर्मा  : Moral stories in hindi

“पापा जी बीड़ी के बंडल के पैसे तो देकर जाओ”श्रीकांत जैसे ही दुकान से बीड़ी का बंडल लेकर बाहर निकले तभी उनका बेटा पवन जो उस वक्त दुकान के अंदर ही बैठा था अपने पापा से बोला तो श्रीकांत आश्चर्य चकित होते हुए पवन से बोले” बेटा यह तुम्हारी ही तो दुकान है फिर मैं … Read more

दुखवा मैं कासे कहूं – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो सिद्धांत….?? क्या बात है समीक्षा…. फिर तुम कहीं वही घिसे पीटे राग तो नहीं अलाप रही हो ना …..मम्मी जी ये …मम्मी जी वो ….. तो मैं  साफ साफ बता दूं …इस मामले में मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता ….तुम्हें खुद सामने आकर अपनी समस्याओं को … Read more

धिक्कार है ऐसे बेटो पर – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

भारती जी के आंसू लगातार बह रहे थे, अस्पताल के बाहर अकेले बैठी उनकी सिसकियां रूकने का नाम नहीं ले रही थी, बूढ़ी आंखों पर लगा चश्मा भीग रहा था, जिसे उतारकर वो अपनी  साड़ी के पल्लू से बार-बार पौंछ रही थी, अंदर उनके पति कैलाश जी का ऑपरेशन चल रहा था और वो उनकी … Read more

बहू तो मेरी है ना.. – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

    रिद्धि की सगाई हो जाने के बाद उसकी माँ नयनतारा जी उसे रोज कोई न कोई टिप्स ज़रूर देती थी।एक दिन वो बेटी को समझा रही थी कि सास को अपने पास दो दिन से अधिक बिल्कुल भी टिकने नहीं देना वरना…।तभी उसके पिता महेश बाबू बोले,” रिद्धि की माँ..ये कैसा पाठ बेटी को पढ़ा … Read more

धिक्कार – डाॅ संजु झा : Moral stories in hindi

मनुष्य की उन लोलुप इच्छाओं को धिक्कार है,जो दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रहीं हैं।उन इच्छाओं की पूर्ति के लिए  मनुष्य नित नए हथकंडे अपनाते रहता है।इसमें नशे का व्यापार  सर्वाधिक  लाभप्रद है,जिसमें व्यक्ति अनैतिक तरीके से अपना जमीर बेचकर जल्द ही लाखों की कमाई कर लेता है। इस धंधे में व्यक्ति की मानवता पूरी तरह … Read more

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