वीरान होते गांव , शहर – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

” ये क्या अजय मोहल्ले मे इतनी वीरानी सी क्यो छाई है ?” पायल जो अपने पति अजय के साथ कई सालों बाद विदेश से लौटी थी बोली। ” पता नही पायल ये सब क्या है …देखो वो चमन काका कितने बूढ़े और अशक्त नज़र आ रहे है !” अजय आस पास निगाह दौड़ता हुआ … Read more

धिक्कार है – गीता वाधवानी   : Moral stories in hindi

कहतेहैं कि जब किसी व्यक्ति का अंतिम समय निकटहोता है तो ईश्वर उसे उसके जीवन की पूरी घटनाएं एक पिक्चर की तरह दिखातेहैं। ऐसी ही मरणासन्न स्थिति में अस्पताल के बिस्तर पर पड़े थे मदनलाल और उनकी आंखों में घूम रहा था उनका जीवन।  माता-पिता की इकलौती संतान मदन। दादा दादी का लाडला और चाचा … Read more

धिक्कार – संगीता त्रिपाठी   : Moral stories in hindi

माता -पिता के जीवन में बच्चे हिस्सा नहीं बल्कि जीवन होते है लेकिन बच्चों के जीवन में माता -पिता हिस्सा होते है।राम बाबू और यशोदा जी को एक बेटा और दो बेटियाँ थी। बेटा कैलाश छोटा था, दोनों लड़कियों की समयनुसार शादी कर राम बाबू और यशोदा जी गंगा नहा लिये। बेटा कैलाश पढ़ रहा … Read more

हे राम यह क्या हो गया – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

राधिका सामान्य मध्यम वर्गीय परिवार की बेटी थी किंतु उसके सपने अमीरों के जैसे थे! राधिका को बचपन से ही मॉडर्न कपड़े पहनने का बहुत शौक था किंतु जैसे जैसे बड़ी होती गई उसके मॉडर्न और छोटे कपड़ों पर रोक लगती चली गई! एक दिन उसने मम्मी से पूछा, मम्मी.. आप मुझे मॉडर्न कपड़े क्यों … Read more

जब तेरी भाभी जिम्मेदार है तो तू क्यों नहीं!!! – अमिता कुचया  : Moral stories in hindi

आज निया अपनी मां को फोन‌ तीन- चार बार लगा चुकी थी, उसे बहुत झुंझलाहट हो रही थी कि मां फोन‌ क्यों नहीं उठा रही हैं ,उसने भाभी को फोन मिलाया और भाभी ने भी फोन नहीं उठाया क्योंकि वह किचन में काम कर रही थी।अब उसकी  भाभी खाना पीना का काम करके कमरे में … Read more

छाया – मुकुन्द लाल : Moral stories in hindi

   जाड़े की रात थी। चारों ओर अंधेरे का साम्राज्य था। चतुर्दिक नीरवता व्याप्त थी। कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। बर्फ की तरह ठंडी हवा बह रही थी।    रात के दो बजे के आस-पास मेरी नींद टूट गई। कुछ देर तक मैं आंँखें बन्द करके लेटा रहा किन्तु नींद नहीं आई। तरह-तरह की बातें दिमाग … Read more

अपना काम – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

उसके आने से घर में सन्नाटा सा छा गया।अम्मा ने उसे सिर से पाँव तक घूर कर देखा।   साँवला रंग, तीखे नाक-नक्श ,गाल पर मचलते बालों का लट, कानों में लटकन, छींटदार सलवार कुर्ता  …स्टाइल से ली गई  आडी़ तिरछी चुन्नी  ऊंची ऐडी़ की सस्ती चमकदार सैंडल… बात-बात पर खिलखिलाती धवल दंतपंक्तियां। सीधी सादी अम्मा … Read more

धिक्कार है ऐसे रिश्तों का – के कामेश्वरी   : Moral stories in hindi

सुजाता को बेटी वाणी ने अमेरिका से फ़ोन करके बताया था कि वह माँ बनने वाली है । सुजाता बहुत खुश हो गई थी कि वह नानी बनने वाली है । उसने ज़ोर से पुकारकर पति को भी बताया था कि आप नाना बनने वाले हैं ।  अब रोज सुबह शाम वाणी का फोन आता … Read more

जब आंख खुली तो… – डॉ  संगीता अग्रवाल  : Moral stories in hindi

खा ले बेटा खाना!राधा ने गुहार लगाई थी मोनू से जिसका आखिरी पेपर था आज और  वो गुस्से में फूल कर कुप्पा हुआ बैठा था कि कितने दिनों से कह रहा हूं कि दोस्तों के साथ घूमने पिकनिक पर जाना है तो रुपए चाहिए पर आप के कान पर जूं ही नहीं रेंगती। बेटा!तू समझता … Read more

धिक्कार – पूजा शर्मा  : Moral stories in hindi

न जाने क्यों शाम्भवी अब तक वैदिक के परिवार में सामंजस्य नहीं बैठा पा रही थी । शाम्भवी अपने माता-पिता की इकलौती लड़की थी उसने वैदिक से लव मैरिज की थी लेकिन वैदिक का संयुक्त परिवार था जिसमें उसके माता-पिता राजेश जी और सुनीता जी बड़ा भाई अंकुर, भाभी नैना और छोटी बहन निकिता जो … Read more

error: Content is protected !!