“प्रीत बड़ी या सात वचन”…. -सिन्नी पाण्डेय : Moral stories in hindi

तानी अपने मामाजी के बेटे के तिलक में आई हुई थी और काम काज में हाथ बंटा रही थी।घर मे भीड़ भाड़ होने के कारण खूब मजा आ रहा था,सब लोग मस्ती कर रहे थे।अचानक तानी की नज़र उसी भीड़ में अपनी ओर देखती हुई नज़रों से टकराई और उसने अनायास ही नज़रें झुका लीं। … Read more

सही मायने में आज पत्नी बनी – रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

वेदिका का पति सरस उसको देख देख कर दंग थे कि आज ये इतनी खुश कैसे हैं ? आखिर इतने सालों बाद अपनी पत्नी को यूँ ख़ुशी से झूमते देख उसका आश्चर्य करना लाज़िमी भी था। वेदिका के पैर आज जमीन पर नहीं पड़ रहे थे…वो पैंतीस की उम्र में छोटी बच्ची के जैसे खुश … Read more

अतृप्त आत्मा प्यार कि खोज में – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

आभा रो रोकर थक चुकी थी। कोई उसे सांत्वना देने वाला नहीं था। पूरा परिवार चैन की नींद सो रहा था ।उसका पति अभीर भी घोडे बेंच कर सो रहा था ।उसे होश नहीं था कि बगल में लेटी  पत्नी रो-रोकर हलकान हो रही है। आभा बैड पर से उठकर  खिड़की के पास आकर खड़ी … Read more

नियति को हमारा मिलना मंजूर नहीं था ….अर्चना सिंह: Moral stories in hindi

“शादी” ! मतलब इक नई उमंग, खुशी, उत्साह होता है ।और हर तरफ सब कुछ नया- नया सा लगता है न । ये सब तो उसकी सखियों ने खूब बताया था । पर शादी का दूसरा मतलब एक शब्द में कहें तो समझौता भी होता है । बस सखियों ने ये नहीं बताया था । … Read more

आंखों देखी-कानो सुनी – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अरे अन्नू के पापा जल्द आओ,आओ ना जल्दी से। क्या हुआ मालती, क्या बात है,रात में भी तुम्हे चैन नही? अरे देखो खिड़की से बाहर जल्दी से इधर आओ,ये अपने पड़ौसी का लड़का राजेश कैसे चोरी चोरी सा छुपता सा जा रहा है,जरूर कोई मामला है,इसके लक्षण मुझे तो ठीक नही लगते।जरूर कोई न कोई … Read more

बडा़ घर – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

आजकल रति और उसका पूरा परिवार  खुशियों के समुंदर में गोते लगा रहा है। जमीन पर पाँव नहीं टिकते… आकाश छूने को बेताब हैं।    भला हो भी क्यों नहीं साधारण परिवार जिसमें पाँच -पाँच कन्याएं… देखने में सुंदर, गोरी चिट्टी ,काम-काज में होशियार लेकिन पिता के पास दहेज की पोटली नहीं …वैसे में बडी़ लड़की … Read more

हलवा – हेमलता गुप्ता : Moral stories in hindi

पापा पापा… देखो.. मैंने  आपके लिए आटे का हलवा बनाया है, आप खाकर बताइए कैसा बना है? 15 साल की रितु ने अपने पापा विजेंद्र से कहा! पापा अपनी बेटी की बात कैसे टाल सकते थे उन्होंने हलवे को खाते ही कहा.. वाह… मैंने अपनी पूरी जिंदगी में ऐसा हलवा नहीं खाया! शाबाश बेटा.. ऐसे … Read more

मायका ही देखा ससुराल नहीं – नेकराम : Moral stories in hindi

जब मैं आठ वर्ष का था तो मैंने देखा मां कमरे के भीतर रो रही थी मैंने मां से पूछा ,,,अम्मा तुम रो क्यों रही हो ,,क्या बात है ,,मुझें बताओ,, तब मां ने कहा नेकराम अब तुझे क्या बताऊं तू तो अभी छोटा है ,, तब मैंने कहा अम्मा अब मैं बड़ा हो चुका … Read more

नवरात्रि – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

लगभग एक महीने पहले से पूनम जी ने सिंघाड़ा सुखाकर आटा पिसवा कर रख लिया था।बिना नमक के चिप्स,साबूदाने के पापड़,राजगीरे का आटा तैयार करके रख लिया था।बरसों से नवरात्रि की तैयारी करती रहीं थीं,पूनम जी।इस बार की नवरात्र तो खास होने वाली थी उनकी बहू के आ जाने से। “निशा ओ निशा,कल चुनरी प्रिंट … Read more

साॅरी मम्मी जी – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

बाप रे…. शादी के बाद कितनी फॉर्मेलिटीज निभानी पड़ती है ….मायके आने के बाद भी चैन नहीं…  समय-समय पर सासू माँ को फोन करो , हालचाल लो…. पतिदेव को तो गुड मॉर्निंग से लेकर गुड नाईट तक का खबर लेना देना ही होता है….        चांदनी ने मोबाइल पर मैसेज भेजने के बाद मन ही मन … Read more

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