मेरे हमसफ़र – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

लंच ऑवर में शिक्षिका दीया अपना लंच खोलकर बैठी ही थी कि सासु माँ का कॉल आ गया क़ि ससुर जी के सीने में दर्द हो रहा है। दीया सासु माँ को सांत्वना देती डब्बा बंद क़र प्रधानाध्यापक को वस्तुस्थिति से अवगत कराती मौखिक छुट्टी लेकर आनन-फानन में स्कूटी स्टार्ट क़र घर की ओर दौड़ी … Read more

कोमलता की सीमा – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   अब आये हो गोपाल,जीवन के पूरे तीन वर्ष छीनकर।क्या मिला तुम्हें?मेरा सम्मान मेरा अभिमान मेरा विश्वास सब कुछ तुमने ध्वस्त किया है।गोपाल तुम्हारे साथ चलूं भी तो क्या यह पहले वाली सीमा होगी,वो तो कभी की मर चुकी?      ऐसा मत कहो सीमा,सब मेरी ही गलती थी,आज मैं पूरी तरह स्वीकार करता हूं।मैं तुम बिन नही … Read more

अलगाव -डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

रोते रोते नन्हीं खुशी सो गई थी,उसके गोरे गाल पर आंसू सूख गए थे और निशान बना रहे थे,बीच बीच में अभी भी सुबक उठती वो,उसे देखकर आस्था की सिसकी निकल गई,बुदबुदा उठी वो,कितनी मासूम है ये,बिना बात मैंने इसे चांटा मार दिया। आस्था अपने पति रोहन से अलग रह रही थी कुछ महीनों से … Read more

परीक्षा -लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बोर्ड परीक्षाएं पूरी लय में थीं ।बोर्ड परीक्षा का नाम ही काफी डर लिए हुए होता है तनाव लिए हुए होता है।विद्यार्थी के लिए भी और शिक्षक के लिए भी।दोनो की ही परीक्षा की घड़ी होती है।सुबह सुबह परीक्षा का समय और घरेलू कार्य का समय नेहा के दो नही चार हाथ लग जाते है … Read more

वक्त रहते -श्वेता सोनी : Moral Stories in Hindi

# दो पल के गुस्से से प्यार भरा रिश्ता बिखर जाता है.. कहानी -वक्त रहते   “अम्मा,, ओ अम्मा,, उठो अम्मा, ई का होई गवा,अम्मा “सुषमा चीख उठी और फिर फफक कर रोने लगी, उसकी सास झिंझोड़ने से अचकचा कर उठीं,,,, ” का हुई गवा दुलहिन,”, “अरे अम्मा, गजब हुई गवा, दीदी फांसी लगा लिहिन अम्मा.. … Read more

मेरे हमसफ़र -विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आज सुबह से ही आनंदी जी के शरीर में गज़ब की फ़ुर्ती थी।कभी सुगना को कहतीं कि मलाई कोफ़्ते में नमक ठीक से डालना तो कभी घर के नौकर नंदू को आदेश देती ,” छोटे भईया के कमरे में पानी रखना मत भूलना।” दरअसल आज उनकी शादी की पचासवीं सालगिरह थी।शाम को उन्होंने पार्टी रखी … Read more

सच्चा हमसफर।-रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“हां संध्या… मैं तलाकशुदा हूं… और यह भी सच है कि मैंने यह बात सबसे छुपाई है… पर इसका कारण जाने बिना तुम कोई फैसला नहीं लेना… प्लीज संध्या…!” ” संध्या बुत बनी खड़ी रही… फिर पास ही पड़े एक आराम कुर्सी को अपनी तरफ खींच… उस पर बैठ गई… और बोली…” बोलो राकेश… क्या … Read more

काश मेरा हमसफ़र भी ऐसा होता।-सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

आज काजल के घर उसका बर्थडे मनाने उसकी कई सहेलियां अपने पति और बच्चों के साथ आईं थीं। काजल की एक बहुत ही खास दोस्त रोली भी आई हुई थी अपने पति और बेटे के साथ। सब कोई हंस बोल रहे थे आपस में और बच्चे मिलकर एक तरफ खेल रहे थे। इतने में रोली … Read more

कैसा हमसफ़र-मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

जैसे ही रीना अपने बड़ी बहन बीना के घर पहुंची (अमर ) रीना के जीजा जी रीना को पकड़कर जोर जोर से रोने लगे ।देखो रीना तुम्हारी दीदी हमें अकेला छोड़कर चली गई। हमसफ़र बनकर आई थी मेरे सफर में , सफर में मुझे अकेला छोड़ गई । गमगीन माहौल था इस तरह से जीजा … Read more

फैसला-गीतांजलि भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

आज भी तुम कुछ नहीं बोलोगे।मेरे साथ अगर तुम ही मेरे हमसफर होते हुए भी ऐसे धोखा दोगे तो फिर मैं किस पे भरोसा करूंगी।                                       आज भी याद है मुझे जब शादी कर के आई थी। … Read more

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