“नवाब” – ललिता विम्मी : Moral Stories in Hindi

मैं नहीं जानती, तुम कहाँ हो ,कैसे हो जिन्दा भी हो या मर गए। मेरे लिए तो तुम ज़िन्दा और मरे बराबर ही हो।मैं तुम्हें लिखना तो नहीं चाहती थी,पर मुझ अनपढ़ के हाथ में ये हुनर आया है तो अब लिखे बिना रहा भी नहीं जाता।  शुक्र गुज़ार हूँ,मैं मेरी जरीना बीबी की जिनके … Read more

एक प्रेम ऐसा भी…. – विनोद सिन्हा “सुदामा” : Moral Stories in Hindi

आज़ जब पूरे दो महीने बाद ऑफिसियल टूर से लौटकर घर आया तो धर्मपत्नी धुर्वा ने दरवाजा खोला.. मैंने इधर उधर नजरें घुमाई मेरी निगाहें माँ को ढूंढ रही थी.. धुर्वा से माँ को पूछा तो धुर्वा ने माँ की ओर इशारा किया देखा माँ बरामदे में लगे आराम कुर्सी पर बैठी बालों में लगी … Read more

तेरा सच =मेरा सच – देवेंद्र कुमार : Moral Stories in Hindi

समुद्र के किनारे मछुआरों का एक गाँव था- टाना। टूटी-फूटी झोंपड़ियाँ समुद्र से थोड़ी दूर नारियल के झुण्ड में बनी थीं। वहीं रहते थे भोले-भाले परिश्रमी मछुआरे। वे हर सुबह अपनी नौकाएँ लेकर समुद्र में निकल जाते, मछलियाँ पकड़ते और जब शाम को सूरज समुद्र के पानी को रंगीन बनाता हुआ डूबने की तैयारी में … Read more

साथ रहकर अलग होने से अच्छा है अलग रहकर साथ रहें। – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

”  बड़ी भाभी सुना है आपका नया मकान बस बनने को हीं है। अब तो जब अगली बार आऊंगी तो लगता है आपके पास अलग से हीं आना पड़ेगा । बुलाएं तो गीं ना मुझे ??? ,,  ममता अपनी बड़ी भाभी रीति से बोली लेकिन उनकी बोली में एक तंज था। या फिर शायद अपने … Read more

बेचारी..? कौन बेचारी..? – रोनिता : Moral Stories in Hindi

सुना है मनोज…. हमारे पड़ोस के वर्मा जी के बेटे का तलाक हो रहा है… यह तो होना ही था… रोज-रोज के झगड़ों से अच्छा है कि एक ही बार में अलग हो जाए… आशा जी ने अपने बेटे मनोज से कहा  मनोज:   अच्छा..? पर अतुल भैया और सीमा भाभी तो बड़े खुश दिखते … Read more

काश ! अपने व्यवहार के लिए एक बार तो सोचा होता – चंचल : Moral Stories in Hindi

आज फिर से रमा पुरानी यादों में खुद को ना चाहते हुए भी ले गई । बहुत कोशिशें की थी उसने अपने रिश्तों को बचाने की लेकिन नहीं बचा सकी । नई नई दुल्हन बन के आई थी और बड़े अरमानों से गृह प्रवेश किया था । चारों तरफ खुशनुमा माहौल था । अवंतिका जी … Read more

मेरे साथ ऐसा व्यवहार करोगे कभी सपने में भी नहीं सोचा था – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

भाभी —! क्या –आप कुछ देर चिंटू को संभालेंगी?? परू का आज वैक्सीनेशन है इसलिए उसे डॉक्टर के पास लेकर जाना है धूप ज्यादा है सो चिंटू की तबीयत ना खराब हो जाए। ‘मैं वैक्सीन दिला कर जल्द से जल्द आने की कोशिश करूंगी।’  अवनी अपनी भाभी निहारिका से बोली । हां -हां दीदी !आप … Read more

पराजित – बिंदेश्वरी त्यागी : Moral Stories in Hindi

रामकिशन जी आज फिर मकान को सुरुचि पूर्ण ढंग से सजा रहे थे l रंगीन और सुंदर परदे , नई-नई कलाकृतियां और सोफे को अलग तरीके से व्यवस्थित कर रहे थे l नाश्ते में मिठाई नमकीन बिस्कुट के साथ घर की बनी हुई चीजों को भी रखा था l भोजन भी स्वादिष्ट और अच्छा हो … Read more

तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ऐसी बात करने की – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मम्मी तुमने हमारे साथ बहुत बुरा किया है देखना तुम तुम्हें इसकी ऐसी सजा मिलेगी कि तुम कभी भूल नहीं पाओगी। अखिल के ऐसे शब्द सुनकर तनुजा हतप्रभ रह गई, वो बेटे अखिल की तरफ देखते हुए बोली ये तुम क्या कह रहे हो बेटा, ठीक ही तो कह रहा हूँ, तुमने बहुत बुरा किया … Read more

टूटते रिश्ते- पूजा गीत : Moral Stories in Hindi

आज बड़े दिनों बाद फुर्सत के थोड़े पल मिले तो नीता फेसबुक खोलकर देखने लगी. कोई कहीं घूमने जा रहा तो कोई अपने बच्चों का परीक्षा परिणाम दिखा रहा. उसके बड़े बेटे सुयश के भी 12वीं में अच्छे प्रतिशत आये थे. सबकी अपडेट देखते-देखते अचानक उसको अपनी एमएससी की सहेली वीणा की याद आयी. दोनों … Read more

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