अब क्या गहना पहनना – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi
“ले बहू अपने गहने, बहुत दिनों तक मैंने इसे संभाल कर रखा “सासु माँ सावित्री जी ने अपनी बहू ऊषा को देते हुये कहा। गहने के नाम पर एक सेट पकड़ा दिया।हाथ में पकडे हार को ले, ऊषा ने विरक्ति से कहा -“अब क्या करुँगी माँ इसे लेकर…। “ये लो जब मेरे पास था तब … Read more