जीवन प्रयाग – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

दिसंबर में रिटायरमेंट है पूनम जी के पति का। हॉस्पिटल में रेडियोलॉजिस्ट हैं वो।सरकारी (कॉलरी)नौकरी में रहते हुए अपने बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ अपने परिवार को भी सहारा दिया था उन्होंने।पत्नी,पूनम ईश्वर में अगाध आस्था रखने वाली थीं।पति को शराब पीने की आदत थी।इस व्यसन की वजह से कार्य क्षेत्र और मोहल्ले में काफी … Read more

सुख दुख का संगम – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

 वाह  कैलाश भाईसाहब… बहुत खूब…. इतने समय पहले ही भाभी हम सबको छोड़कर   करके चली गई थी जब शुभी बिटिया ने दुनिया में कदम रखा ही था … फिर भी आपने शुभी  की परवरिश इतने ढंग से की… कि  एक मां क्या करेगी… और आज विदाई के समय आपकी आंखें इतनी नम है… ये … Read more

सुख नहीं रहा तो दुख भी नहीं रहेगा…रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…आज कई सालों बाद प्रियंवदा जी ने अपनी पुरानी संदूक खोली थी…  पुराने कपड़े लत्ते… कागज पुर्जों के बीच… एक पीतल का बड़ा कलसा चमक उठा…  अपने कांपते हाथों से कलसे को उठाने की कोशिश करने लगीं… लेकिन वह इतना भारी था कि निकाल नहीं पाईं… फिर उन्होंने उस पर पड़ा ढक्कन हटाया….  उसके भीतर … Read more

आदमी औलाद से हारता है – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

बारात आ गई…..बारात आ गई….. राधा के कानों में आवाज़ पड़ी, उसने तुरंत पास बैठी सहेली से कहा —- कम्मो, ज़रा झांक के देख तो सही , दुल्हा कैसा है ? और अगर अच्छा न हुआ तो तू क्या मना कर देंगी ब्याह से ? तूने आज तक किसी से नहीं पूछा वो कैसा है … Read more

“चिंता किसकी?”** – कुनाल दत्त : Moral Stories in Hindi

 श्रीवास्तव जी और उनकी पत्नी सुमित्रा देवी दोनों अपने जीवन के साठ बसंत देख चुके थे। उनका एक बेटा, रवि, आईटी में काम करता था, और उसकी पत्नी पूजा घर की बहू बनकर आई थी। सब कुछ ठीक था, लेकिन श्रीवास्तव जी के मन में एक बात हमेशा चलती रहती थी— कि बहू तो किसी … Read more

सुख दुख का संगम – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

क्या बात है मालती बहुत खुश नजर आ रही हो,,? रिया ने पूछा जी मेम साहब आज हमारी शादी की वर्षगांठ है।मालती ने कुछ शर्माते हुए जवाब दिया। ओह तो ये बात है।। कितने साल हो गए रमेश को झेलते झेलते?  रिया ने कुछ अलग अंदाज में पूछा। मालती ने तुरंत जवाब दिया ;’ मेम … Read more

जीवन का आनंद – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 सुनसान सड़क पर रजनी अकेली तेज-तेज कदमों से चली जा रही थी।आज दिन की घटना रह-रहकर उसके कोमल हृदय पर चोट कर रही थी।अब वो किसके लिये जिये..उसका मर जाना ही अच्छा है..हे भगवान! कोई नदी मिले तो मैं उसमें समा जाऊँ..कोई गाड़ी ही आकर मुझे अपनी चपेट…तभी तेजी-से आती एक कार से टकराकर वह … Read more

कभी खुशी -कभी गम – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“सुनो जी एक बात कहूं!विभा ने डरते डरते अपने पति महेश से कहा!” “जल्दी कहो जो कहना है टाइम नहीं है मेरे पास?”झुंझलाकर. महेश ने जवाब दिया! “वो सिया की सहेली मीना है ना उसके चाचा का लड़का मुम्बई की एक कंपनी में इंजीनीयर है!” विभा के आगे कुछ कहने से पहले महेश गुर्रा कर … Read more

सर्कल बेड – दीपाली जे वासवानी : Moral Stories in Hindi

नया नया टीवी घर पर लगा था। पूरा मोहल्ला जमा था शुक्रवार की फ़िल्म देखने। एंटीना ठीक से सेट कर दिया गया था। शटर वाला टीवी बस एक बड़े घर में था, जहाँ कोई आता-जाता नहीं था। कर्नल साहब कड़क मिजाज़ के थे, लेकिन अब इला के घर भी आ चुका था। सब फ़िल्म में … Read more

जीवन सुख दुःख का मेला * – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

   समय पंख लगाकर उड़ जाता है, कल मैं अपने जीवन के ७३ वर्ष पूरे कर लूँगी। जीवन के सफर में कितने उतार चढ़ाव आए। कितने लोगों से मिली कितने रिश्ते बनाए। कितने पुराने रिश्ते छूट गए, नये रिश्ते बनते गए। सुख दुःख के मापदंड भी बदले। एक सुख जीवन में था, तो दूसरे सुख … Read more

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