मेहमान – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

वो कड़कड़ाती सर्दियों की एक आलसभरी सुबह थी,आलस इस सेंस में कि रजाई से हाथ बाहर निकले तो बर्फ की तरह जमने लगे और वापस रजाई के अंदर ही घुसने का मन करे,और मजबूरी ये कि पतिदेव के आफिस जाने का समय तो नियत ही होता है ना!माघ मास की ठंड में सूरज भगवान निकलना … Read more

“जाने कहाँ गए वो दिन” – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

देविका जी उम्र के आठवें शतक में अपने आलीशान मकान के बरामदे में अकेली बैठी बाहर होती घनघोर बारिश देख रही थी!बिजली चमकने और बादलों की घड़घड़ाहट से उनका बूढ़ा शरीर डर के मारे रह रह कर कांप जाता! आंघी की वजह से लाईट भी चली गई थी! बैठे बैठे उनका मन अतीत के गलियारे … Read more

ये जीवन का सच है – वीना : Moral Stories in Hindi

पढ़ने की बहुत लालसा थी मन में पर समझ नहीं आ रहा था कि आगे की पढ़ाई कैसे करूंगी। जिस कस्बे या कहूं तो छोटे शहर से थी मै वहां बारहवीं के बाद पढ़ने के लिए कोई अच्छा कॉलेज नही था । मेरी ईच्छा को देख पापा ने कहा कि मेरे  चाचा का लड़का दिल्ली … Read more

बेटा, हम तेरे परिवार का हिस्सा नहीं है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

सुधीर फोन नहीं उठा रहा है? मैंने सुबह से कितने फोन कर दिये, आज तो रविवार है, आज की आने की कहकर गया था, और अभी तक भी आया नहीं, भारती जी ने हांफते हुए कहा तो उमेश जी ने उनका हाथ पकड़ाकर बैठा दिया, ये दरवाजे पर बार-बार चक्कर लगाने से सुधीर नहीं आ … Read more

ससुराल वाले अपनी बेटी की चिंता करेंगे या अपनी बहु की बहू तो पराए घर की बेटी है। – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

तारामणि ने पर्स को हाथ में लिया और बोली ” पूजा रात घुटनो में दर्द हो रहा था हॉस्पिटल दिखा आती हु “ सुनो बच्चे स्कूल से आए तो गर्म गर्म फुलके सैक देना  विद्या ( पुत्र वधु) सब्जी बना गई और आटा उसन गई है। पूजा जो रात को ही ससुराल से आई थी … Read more

ये जीवन का सच है – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

 मेरे सामने मेरी बेटी पीहू के# जीवन का सच#वो भी इतना कड़वा और घिनौना सच मेरे सामने एक सवाल बन कर खड़ा है… मैं अकेली हूं पीहू के साथ.…. मेरे पति जेठ जेठानी और सास ससुर सभी मेरे खिलाफ है…. बात ये है पीहू अपने ससुराल नही जाना चाहती है… हमारा बहुत लंबा चौड़ा बिजनेस … Read more

कौन अपना- कौन पराया – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

एक क्षणिक आस और गोद मे लिये अपने आठ माह के रानू के साथ उर्मि बदहवास सी हॉस्पिटल के खाली पड़े कॉरिडॉर में चक्कर पे चक्कर लगा रही थी।इतना बड़ा हॉस्पिटल,पर उसमें सन्नाटा पसरा पड़ा था।उर्मि के सामने ही उसके सागर को सामने वाले रूम में ले जाया गया था।उसके बाद कही से कोई जवाब … Read more

“धैर्य ” – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

 “महेश बाबू की शादी के 15 साल हो गए और पत्नी सुनीता इन 15 साल में चार बार गर्भवती हुई पर, हर बार उनका गर्भपात हो जाता ।   कितना भी पूजा पाठ और कितनी भी मन्नतें मांगी पर वो कहते हैं ना कि सब कुछ समय से ही निर्धारित होता है समय से पहले किसी … Read more

सुर – संगीत – रंजना आहूजा : Moral Stories in Hindi

कल लतिका के छोटे से संगीत केंद्र का शुभारंभ होने जा रहा है । सारी तैयारियां कर रात को बिस्तर पर लेटी तो पुराने घटनाक्रम चलचित्र की भांति मस्तिष्क में चलने लगे ।        छोटी सी लतिका और उसके माता पिता का छोटा सा संसार । पिता की सीमित आय में भी तीनों सुखी थे । … Read more

माया-मोह – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

साक्षी इंटर की परीक्षा पास करके इंजीनियरिंग में दाखिला के लिए जेईई मेंस की परीक्षा दे चुकी थी। परीक्षा परिणाम घोषित होना बाकी था।उसका इंतज़ार किया जा रहा था। इसी बीच जून के महीने में उसका परिणाम घोषित कर दिया गया। साक्षी उत्तीर्ण हो गयी। नामांकन से पहले काउंसलिंग की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। … Read more

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