श्राद्ध – संजय मृदुल : Moral Stories in Hindi

दादी पहली बार पूरब के घर आई हैं। छत्तीसगढ़ के छोटे से शहर दुर्ग से कभी बाहर पांव भी नहीं रखा दादी ने। सारा जीवन घर परिवार को सम्हालने में खर्च करने के बाद एक रात दादी को सपने में गोपाल जी दिखाई दे गए। बस फिर क्या था उन्होंने बस माला जपनी शुरू कर … Read more

गुमशुदा – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

एक मन हुआ कि पार्क में बैठी उसकी हमउम्र सहेलियों से पूछ ले कि.. “आखिर दो दिनों से वह कहां गुम हो गई है?” फिर रुक गया यह सोचकर कि कहीं मेरी इस जिज्ञासा का कोई गलत मतलब ना निकाल ले। उम्र की ढलान पर ही सही लेकिन है तो औरतें ही,.और उसका उससे कोई  … Read more

बदचलन – श्याम कुंवर भारती : Moral Stories in Hindi

रमेश कुमार की शादी हुए लगभग एक साल हो चुके थे।को एक सरकारी कंपनी में मैनेजर के पद नियुक्त था।शादी से पहले वो एक हट्टा कट्टा नौजवान था।देखने में काफी स्मार्ट और सुंदर था।लेकिन शादी के बाद उसकी चुस्ती फुर्ती और स्मार्टनेस कम होने लगी थी।हालांकि वो एक खाते पीते परिवार का लड़का  था। किसी … Read more

*रेशम की डोर* – *मीरा सिंह* : Moral Stories in Hindi

लता देख रही थी आज सौरभ सुबह  उठ कर जल्दी जल्दी नहा धो रहा था । वह अपने पति का स्वाभाव जानती थी  । आज राखी था और साइत भी सुबह के सात बजे तक का ही था । वह भी तो अपने भाई भतीजों के लिए मुँह अंधेरे से ही रसोई में घुसी हुई … Read more

बड़ी बहू ये कोई बीमार पड़ने का समय नहीं है – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बड़ी बहू जल्दी जल्दी हाथ चलाओ.. शादी का घर है सौ काम पड़े हैं….और तुम हो कि आराम आराम से सब कर रही हो।” सुनंदा जी ने बड़ी बहू रति से कहा. “ कर रही हूँ माँ जी आज तबियत थोड़ी सुस्त लग रही है इसलिए जल्दी जल्दी नहीं हो पा रहा।” सफ़ेद धोतियों … Read more

“ये क्या बहुरिया, अब तुम सास बन गई तो लापरवाह हो गई हो ” – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“अरे बहुरिया, कहाँ हो अभी तक खाना नहीं बना क्या “बरामदे में पटले पर बैठी सावित्री जी जोर से चिल्लाईं। ऊषा सर पर पल्लू ठीक करती थाली में खाना ले, सासु माँ के पास पहुंची।खाना सासु माँ के सामने रख किनारे खड़ी हो गई। सब ,डाइनिंग टेबल खाना खाते हैं, पर इतनी उम्र हो जाने … Read more

शक की सुई हमेशा बहू पर आकर क्यों अटक जाती है!! – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” अरे लड़कियों तुम्हारा तैयार होना कब खत्म होगा ?? घुड़चढ़ी का वक्त होने को आ गया और तुम लोगों का सजना- संवरना ही पूरा नहीं होता …… केतकी बहू तुझे तो रमन को काजल लगानी है ….. जल्दी से आ जा तैयार होकर …. ,,। आज कांता जी के छोटे बेटे की शादी थी। … Read more

“दाता मैं तेरी शुक्र गुजार हूं ” – बिमला महाजन : Moral Stories in Hindi

 10 जुलाई,1993 रविवार का वह दिन भूलाए नहीं भूलता है। गर्मी की छुट्टियों के पश्चात् अगले दिन यानी सोमवार से स्कूल खुलने वाला था। स्कूल की प्रधानाध्यापिका होने के नाते एक दिन पूर्व ही स्टाफ मीटिंग कर चुकी थी। छुट्टियों का आखिरी दिन था । बच्चों को मनपसंद नाश्ता कराके बरामदे में निकली ही थी … Read more

“ खून के रिश्तो से बढ़कर” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

चलिए चलिए… पार्क बंद होने का समय हो गया है बाहर पार्क का समय लिखा हुआ है फिर भी लोग हैं कि समझते ही नहीं है, 10:00 बजे तक पार्क बंद हो जाता है फिर क्यों यहां बैठे रहते हो?  मुझे सभी को भगाना अच्छा नहीं लगता! सभी जल्दी-जल्दी वहां से निकलने लगे, मिस्टर एंड … Read more

अपनों का साथ.… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

 कंधे पर दुपट्टा डाल… गीता घर से निकलने ही वाली थी… कि बड़ी भाभी बोल उठीं…   “क्यों अपनी जिंदगी का… सत्यानाश करने पर तुली हैं… यह कोई उम्र है सत्संग करने की… मैं जाऊं करूं तो समझ आता है… आप क्यों रोज निकल पड़ती हैं…!”  वह गीता से उम्र में काफी बड़ी थीं…  ” भाभी… … Read more

error: Content is protected !!