मैं और कुँदरू – कंचन सिंह चौहान : Moral Stories in Hindi

कुछ चीजें पता नही क्यों बहत पसंद आने लगती हैं। इतनी कि आप उन चीजों के नाम से पहचाने जाने लगते हो। और फिर अचानक अंदर ही अंदर उससे ऊब होने लगती है, लेकिन, चूँकि आप उस चीज़ से पहचाने जाने लगे हो इस कारण आप किसी से कह भी नही पाते कि अब उस … Read more

बड़ी बहन – रमन शांडिल्य  : Moral Stories in Hindi

बात यही कोई 25 वर्ष पुरानी है ।  मोबाइल रहित जमाना था । ऑनलाइन कुछ भी नहीं होता था । केवल हार्डकॉपी, हार्डवर्क और हार्डकैश से ही सारे काम चलते थे ।  नवंबर के हल्की ठंड वाले छोटे दिन थे और मैं किसी काम से करनाल गया था । मुझे दो दिन करनाल रुकना था … Read more

आज सूरज पश्चिम में कैसे उग गया? – नीरजा कृष्णा : Moral Stories in Hindi

रमा और सुधाकर का जीवन वर्षों से एक ही ढर्रे पर चल रहा था। सुधाकर जी अपनी नौकरी में और रमा गृहस्थी में पूरी तरह व्यस्त रहते थे। उनके विवाह को दस साल बीत चुके थे, लेकिन वे दोनों कभी अपनी दैनिक जिम्मेदारियों से बाहर निकलकर जीवन का आनंद नहीं ले पाए थे। सुधाकर जी … Read more

बीमार मैं नहीं आप हैं – कविता भड़ाना  : Moral Stories in Hindi

रिया की जिंदगी में एक समय ऐसा आया जब उसके पति का अचानक निधन हो गया। इस हादसे ने उसे अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया था। वह हमेशा हंसमुख और आत्मविश्वासी रही थी, लेकिन पति के जाने के बाद उस पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपने पति के बिना जीवन में आगे … Read more

किस्मत – कविता भड़ाना : Moral Stories in Hindi

सुप्रिया और निर्मला एक ही सोसायटी में वर्षों से रहते आ रहे थे। निर्मला सुप्रिया के घर में काम करती थी। दोनों के बीच आम तौर पर ठीक-ठाक रिश्ता था, मगर आज एक छोटी-सी बात पर मतभेद ने गहरी खाई बना दी। सुप्रिया को अपनी बाई निर्मला से अचानक यह अपेक्षा हो गई थी कि … Read more

उधार – डॉ. पारुल अग्रवाल,  : Moral Stories in Hindi

दिव्या और नीतू बचपन की सहेलियाँ नहीं थीं, परंतु एक ही सोसाइटी में रहने और हर रोज मिलने से उनमें घनिष्ठता बन गई थी। दोनों की उम्र में थोड़ी बहुत समानता थी और उनकी एक जैसी सामाजिक परिस्थितियों ने भी उन्हें आपस में जोड़ दिया था। दिव्या एक मध्यम वर्गीय परिवार से थी और अपने … Read more

स्वार्थी संसार – गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi

विनीता पिछले दस वर्षों से पल्लवी के घर काम करती थी। वह मेहनती और ईमानदार थी, इसलिए पल्लवी का उस पर पूरा विश्वास था। एक दिन सुबह काम के दौरान पल्लवी ने विनीता को उदास देखा। वह जानती थी कि उसकी जिंदगी हमेशा संघर्षों से भरी रही है, इसलिए वह समझ गई कि कुछ न … Read more

परिवार का असली आधार सादगी और आपसी सम्मान होता है – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

अंजली और राजीव की शादी को छह साल हो चुके थे, और दोनों अपने बेटे किट्टू के साथ शहर में एक अच्छी जिंदगी बिता रहे थे। राजीव एक प्रतिष्ठित कंपनी में ऊंचे पद पर कार्यरत था और अंजली गृहिणी होने के साथ-साथ आधुनिक सोच रखने वाली महिला थी। उसे अपनी शहरी जीवनशैली से प्यार था … Read more

एक घुटन भरे रिश्ते से आजादी मिल गई – सांची सोनी  : Moral Stories in Hindi

मीरा अपने माता-पिता की एकलौती संतान थी, जो हमेशा उसे प्यार और समर्थन देते रहे। उसके पिता ने अपनी मेहनत से उसे अच्छी शिक्षा दिलाई, और मीरा ने एक उत्कृष्ट नौकरी हासिल की। उसे अपने परिवार का गर्व था, और वे भी उसकी सफलता पर खुश थे। जब मीरा की शादी रोनित से हुई, तो … Read more

खुशियों की दिवाली – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

मां सुमित्रा काकी के पास गई थी… दही लाने…  घर में कहां से होगा…  अनुज ने एक दो बार मां को मना करने की कोशिश की…  लेकिन वह भी जानता था… कि वह नहीं रूकेगी…  इसलिए… वह मां का इंतजार किए बिना ही…  घर से निकल गया…  निकलते हुए ही एक बार जोर से आवाज … Read more

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