रद्दी में फेंका हुआ वो पुराना ‘नोट’ – मीना गुप्ता
*सरकार तो सिर्फ कागज के नोटों का रंग बदलती है, लेकिन जब अपनी ही खून-पसीने से पाली हुई औलाद का रंग बदलता है, तो इंसान जीते जी मर जाता है।* — *तुम्हारी हवेली के पैसे तुम्हें मुबारक हों। हमने उसे तुम्हें ‘दान’ कर दिया। लेकिन अपना स्वाभिमान हम तुम्हें दान नहीं कर सकते। मैं और … Read more