आखिरी फ़ैसला – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

मालती अपनी आदत के अनुसार रसोई में चाय बनाने के लिए गई। यह उसकी पुरानी आदत थी वह दो कप चाय बनाकर पति को उठाती उठिए चाय बन गई है और दोनों मिलकर बालकनी में बैठकर बातें करते हुए चाय पीते थे। आज उसने एक कप चाय अपने लिए बनाई और बाहर बालकनी में बैठने … Read more

एक फैसला – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

“पापा आप नहा कर आ जाइए गर्म गर्म फुल्के सैक देती हु” अवनी ने अखबार पढ़ते 78 वर्षीय सोमेश बाबू को कहा सोमेश बाबू पहले तो मुस्कुराए फिर बोले ” देखो घड़ी  दीया और चुन्नू का स्कूल टाइम होने वाला है तुम उन्हें संभालो मैं कोई बच्चा थोड़ी ना हु दो फुल्के सैक ओर तुरंत … Read more

एक औरत की अहमियत – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

क्या घर छोड़कर जाने का यह तुम्हारा आखिरी फैसला है सुधा…? देखो अगर एक बार तुम इस घर से चली गई तो फिर मैं तुम्हें मनाने नहीं आऊंगा न हीं तुम्हारी कोई मनुहार करूंगा,  जैसा अब तक करता आया हूं अगर तुम्हें जाना हो तो बेशक जाओ, देखना.. तुम खुद अपनी मर्जी से वापस आओगी! … Read more

“आखिरी फैसला” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

मैं अब आपके साथ नहीं रहना चाहता मां मैं अब अपने पापा के साथ रहूंगा मैं बहुत सोच समझ कर ही यह बात बोल रहा हूं मेरा फैसला कोई नहीं बदल सकता आप भी नहीं, यही मेरा आखिरी फैसला है। क्या गलती थी आखिर उनकी जिन्हें आपने इतने बरस उनकी औलाद से भी दूर रखा … Read more

शिक्षा ही धन है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     ” कामिनी…ज़रा ठंडे दिमाग से सोचो…देवर जी तो अब रहे नहीं…तुम अकेली औरत..छोटी-सी बच्ची को लेकर कहाँ- कहाँ भटकोगी…,अपनी ज़िद छोड़ दो और अपने जेठ की बात मानकर आराम से यहाँ रहो..।” देविका अपनी देवरानी को समझाते हुए बोली तो कामिनी ने उन्हें घूरकर देखा…फिर बोली,” जीजी…मैंने अपनी बेटी के भविष्य के बारे में सही … Read more

आखिरी फैसला – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

मनुष्य की जिन्दगी में कब कौन-सा मोड़ आकर उपस्थित  हो जाएँ और कौन-सा फैसला लेना पड़ जाएँ,कुछ  कहा नहीं जा सकता है।कथानायिका सरोज भी  आज इसी दोराहे पर खड़ी है।सरोज को उसके पिता बहुत प्यार करते थे।सभी भाई-बहनों में बड़ी सरोज पिता की अत्यधिक दुलारी थी।पिता हमेशा उसे रानी कहकर ही बुलाते थे। उसे देखकर  … Read more

भगवान की लाठी में आवाज़ नहीं होती । – करुणा मालिक : Moral Stories in Hindi

अंकलजी , मकान की कोई टेंशन मत लो । कोई शिकायत नहीं होगी । अजी ! अपने मकान से भी बढ़िया रखेंगे । काग़ज़ी कार्यवाही की ज़रूरत ही नहीं, शीला बहन के ज़रिए ले रहा हूँ जी , अपना बेटा ही समझ लो बस ।  ये सारी चिकनी- चुपड़ी बातें देवांश जगमोहनसिंह से कह रहा … Read more

मां बाप की दुआओं में बड़ी शक्ति होती है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

कौन सा महीना चल रहा है बेटा ,जी आंटी छठा महीना चल रहा है। मम्मी से मिलने आई थी हां, ठीक है आती रहा करो बेटा तो मम्मी जल्दी ठीक हो जाएगी दूसरी जिंदगी मिली है बिचारी तुम्हारी मम्मी को । हां आंटी आती रहूंगी।नये मेहमान को इस दुनिया में लाने में बहुत देर कर … Read more

आंगन की दीवार – राशि सिंह : Moral Stories in Hindi

सुबह के सन्नाटे को तोड़ती हुई ईंटों की गिरने की आवाज ने पूरे घर का माहौल बदल दिया। घर के बाहर मजदूर ईंटों का ढेर लगा रहे थे। काका बैठक से बाहर निकल आए और काकी भी छड़ी के सहारे उनके पीछे आ खड़ी हुई। दोनों खामोश खड़े होकर मजदूरों को ईंटें उतारते देखते रहे। … Read more

आखिरी फैसला – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

 ” क्या हुआ बेटा, चल ना अंदर ,,  अंजलि के पैर घर की देहरी के बाहर ठिठक गए तो उसकी मां रमा जी ने उसके हाथ को कस के पकड़ लिया और बोली, ” चल बेटा… तूं किसी बात की फ़िक्र मत कर.. तेरी मां तेरे साथ है …. सबके सवालों का जवाब मैं दूंगी… … Read more

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