आखिरी फैसला – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

अरी करमजली कहां रह गई, सूरज सिर पर चढ़ने को तैयार बैठा हैं, और तूने मुझे अभी तक चाय नहीं दी। तेरा बस चले तो मुझे भूखा ही मार दे। अभी सात भी नहीं बजे और तुम्हारी मां ने रोज की तरह चिल्लाना शुरू कर दिया। मैं भी क्या क्या करूं…सुबह पहले पानी गरम करो, … Read more

वक्त – चम्पा कोठारी : Moral Stories in Hindi

लगभग 30 वर्ष पुरानी सच्ची घटना है। विमला जी दीवाली की तैयारी में व्यस्त थी। ठीक दीवाली का दिन था। उनके पति किशोर जी एव्ं दोनों बेटे अनुपम , आशीष  और बेटी आराधना उनके काम में हाथ बँटा रहे थे। अंदर पकवान की तैयारी चल रही थी। बाहर  बेटी आराधना के द्वारा  रंगोली सजाई जा … Read more

अभागिन – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

   बस…. मां… बस…..अब एक शब्द भी मत बोलना ….नहीं सुन सकूंगी अब ……और तू चिंता मत करना मां ….. ये बड़ा अटैची देखकर ये मत सोच लेना कि अब मैं यही रहूंगी…. कुछ दिनों के लिए आई  हूं मां ….हां कुछ दिनों के लिए  ही आई हूं… कहते कहते आंचल का गला भर आया…! अरे … Read more

जीना तो होगा – प्राची अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

शोभा और राजेश की गृहस्थी की गाड़ी सुचारू रूप से चल रही हैं। दोनों की शादी को 28 साल पूरे होने को आए। दोनों ने ही सदैव घर परिवार बच्चों के लिए स्वयं को समर्पित किया है। दोनों बच्चे पढ़ लिख कर ऊंची नौकरियों पर बड़े शहरों में सेटल हो गए हैं। बच्चे कामयाब भी … Read more

आखिरी फैसला – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

मायके से पॉच महीने के हार्दिक को लेकर लौटी मैथिली को स्टेशन पर ही जब परिमल ने अपनी बॉहों में भर लिया तब वह प्रसन्नता से खिल उठी। घर आकर  बुरी तरह गन्दा और बिखरा हुआ घर देखकर उसकी सारी खुशी उड़ गई। परिमल ने जब उसे बताया कि उसके जाने के बाद कौशल्या ने … Read more

पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई क्यों – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

राधा…. ओ राधा। अरी कहां है सारा दिन मौहल्ले के बच्चों के साथ धमा-चौकड़ी मचाती फिरती है। पिता का स्वर सुनकर 13 बर्ष की राधा को घर के भीतर आना ही पड़ा। “अरी ब्याह की उम्र हो चली है तेरी अगले माह लगन है”। पास-पड़ोस के लोग ताने मारने लगे हैं , लड़की घर में … Read more

लक्ष्य – मनीषा सिंह   : Moral Stories in Hindi

 “सुखिया की उम्र यही कोई 50- 55 के आसपास थी वह गांव का मेहनती ईमानदार और सीधा-साधा व्यक्ति था जो गांव के मुखिया बंसी लाल जी के यहां खेती-बाड़ी का काम देखता ।पत्नी को मरे 20 साल हो गए उसकी एक बहुत ही प्यारी बेटी लाजो जो 2 साल की थी। मरने की समय लाजो … Read more

जिम्मेदारी उठाएगा कौन? – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

पूरे दिन मैं घर और ऑफिस के काम में लगी रहती हूँ… तुम्हारा क्या है.. रात को घर आओगे खाना खाओगे कुछ देर टीवी देख कर सो जाओगे, सुबह बिस्तर पर  चाय मिल ही जाता है नाश्ता किया निकल गए। मुझे अपने साथ साथ अंश के लिए भी सोचना पड़ता है और अब ये जिम्मेदारी … Read more

पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई क्यों – खुशी : Moral Stories in Hindi

राम चरण जी और विद्या की शादी को सात साल हो गए ।परंतु उन्हें संतान सुख की प्राप्ति ना हुई।कितने मंदिरों के चक्कर लगाए व्रत उपवास किए पूजा पाठ किया पर कोई फल नहीं।पर कहते है ना ईश्वर के घर देर है अंधेर नहीं। एक दिन सुबह विद्या जी उठी तो बोली आज बड़े चक्कर … Read more

मेरा फैसला – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 रोहित और उसकी पत्नी भावना गाजियाबाद में रहते थे। रोहित का छोटा भाई मोहित अपनी पत्नी और माता-पिता के साथ उत्तर प्रदेश के एक दूर   गांव में रहता था।   एक दिन रोहित के पास मोहित का फोन आया। उसने कहा -” भैया, दो-तीन दिन की छुट्टी लेकर आ जाओ और मां को शहर ले जाओ। … Read more

error: Content is protected !!