पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई क्यों? – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

  ” माँ.., , प्लीज जाने दो ना। मेरी सारी फ्रैंड्स जा रही हैं मूवी देखने । ,,  ” नहीं कोई जरूरत नहीं है…. सारा दिन बच्चों की तरह उछलती- कूदती रहती है…. थोड़ी तो बड़ी हो जा अब ।,,  ” क्यूँ सारा दिन मेरी बच्ची को डांटती रहती हो । अभी अपने मन की नहीं … Read more

घर के संस्कार.… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

शैलजा जी अपनी होने वाली समधन के घर गई थीं… विवाह की तैयारियों के बारे में बैठकर बातें करने… घर दो घंटे की दूरी पर था…आज कुछ काम के सिलसिले में उधर निकलना हुआ… तो फोन पर बातें करने से अच्छा उन्होंने सोचा कि… एक बार घर जाकर ही विवेक की मां और भाभी से … Read more

बांह चढ़ाना – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“अरे अमन! आज लंच नहीं करना है क्या?” “लगता है आज घर से बहुत खा कर आया है!” “हां हां, कुंभकरण की तरह!” “इसलिए कुंभकरण की तरह घोड़े बेचकर सो रहा है!” अपने सहपाठियों की ये टिप्पणियां सुनकर अमन गुस्से में उठा और अपनी बांह चढ़ा ली। “मैं कुंभकरण हूं ना! अब दिखाता हूं तुम्हें … Read more

“रिश्तों की अहमियत” – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

सोनिया अपनी मां साधना के साथ गर्मियों की छुट्टियों में अपनी दादी के घर आई थी। 13 वर्षीय सोनिया बहुत चंचल और मासूम थी, लेकिन अपने बचपने और कम उम्र के कारण कभी-कभी चीजों को पूरी तरह समझ नहीं पाती थी। दादी के घर की गर्माहट और अपनापन उसे अच्छा तो लगता था, लेकिन दादी … Read more

घुंघरू – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

आठ साल की सिया अपनी उम्र से कहीं ज्यादा चंचल और खुशमिजाज बच्ची थी। उसका मन हर उस चीज़ में लगता था, जिसमें रचनात्मकता और कला का कोई भी अंश हो। जब वह घर के आंगन में नाचती, तो उसकी हर हरकत मानो कहती कि यह उसकी जिंदगी का सबसे प्यारा पल है। उसकी मां … Read more

“प्यार भरी झप्पी का जादू” – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

रीमा की शादी को तीन साल हो चुके थे। वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती थी और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच घर की देखभाल भी उसकी प्राथमिकताओं में थी। रीमा के ससुराल में उसकी सासू माँ, ससुर जी, और पति रोहन रहते थे। सासू माँ, शारदा देवी, पारंपरिक मूल्यों को मानने वाली एक … Read more

अनमोल तोहफा – बेला पुनिवाला : Moral Stories in Hindi

संध्या और राजेश की शादी को 25 साल हो चुके थे। ये 25 साल उनके जीवन के उतार-चढ़ाव, संघर्ष, और खुशियों से भरे हुए थे। इस सफर में उन्होंने साथ में हर चुनौती का सामना किया और हर खुशी को बांटा। लेकिन इन सबके बीच, जैसे-जैसे जीवन की व्यस्तता बढ़ी, समय का महत्व कहीं पीछे … Read more

“हंसती बहू, मुस्कुराती सास”- सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

सीमा अपने घर के आंगन में बैठी थी, और पास ही काकी अपने कुछ पुराने किस्से सुनाने में व्यस्त थीं। सीमा का ध्यान हाल ही में घर में आए बदलावों पर था। बहू के आने के बाद से घर में मानो रौनक सी आ गई थी। पहले जहां हर कोना खामोश सा रहता था, अब … Read more

“मायके की निशानी” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

चारु की माँ का निधन पूरे परिवार के लिए एक गहरा आघात था। चारु और उसके भाई के लिए माँ का जाना एक ऐसा खालीपन था, जिसे कोई भर नहीं सकता था। अंतिम संस्कार और तेरहवीं के सारे संस्कार पूरे हो चुके थे। घर में अब सन्नाटा पसर चुका था। वह सन्नाटा जो हर किसी … Read more

आखिरी फैसला – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

मैं सिया तीस वर्ष की उम्र में जीवन का बेहद नाजुक कठिन और चुनौती भरा घर परिवार छोड़ने का #आखिरी फैसला #लिया था.. उस समय मेरे साथ सात साल का रोहन और स्टेट बैंक की दस साल पुरानी नौकरी, कुछ कपड़े, कड़वे अनुभव अनिश्चित भविष्य और यादें साथ थी….                           कितना संघर्ष किया मैने… आज जब … Read more

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