“अपमान” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

कब तक अपमान का घूंट पीती रहोगी कावेरी, अब मैं तुम्हारी एक नहीं सुनूंगा, तुम्हें मेरे साथ चलना ही होगा  इन लोगों ने विकास के सामने ही तुम्हें कितनी प्रताड़नाए दी हैं भूल गई क्या ?अब वो दुनिया में नहीं है तो किसके सहारे यहां जीवन बिताओगी। अभी तुम्हारे मां-बाप जिंदा है हम तुम्हें हरगिज़ … Read more

बहु चाहे जितना भी कर ले …. वो बेटी नहीं बन सकती – सिफा खान : Moral Stories in Hindi

रामप्रकाश जी के घर का आँगन हमेशा खुशियों से गूंजता था। उनकी पत्नी, कमला, घर की लक्ष्मी थीं और उनकी बेटी सिया उनकी आँखों का तारा। सिया की शादी हो गई, और वह दूसरे शहर चली गई। घर सूना हो गया, लेकिन कुछ महीनों बाद उनके बेटे, रवि की शादी हुई और उनकी बहू, पूजा … Read more

वरदान – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    ” ए अनंत के बच्चे…तुझे कितनी बार कहा है कि मेरी टेबल को हाथ न लगाना..चोर कहीं का..चल भाग यहाँ से…।” लगभग चीखते हुए नितिन ने अपने फुफुरे भाई को धक्का देकर कमरे से बाहर निकाल दिया।अनंत रोता हुआ अपनी माँ रेवती के पास गया,” माँ..मैंने तो कोई चोरी नहीं की…फिर भईया ने मुझे चोर … Read more

मुँह बोला भाई – मीता जोशी : Moral Stories in Hindi

“हैलो कौन? आवाज नहीं आ रही| कौन? ओह अनंत आज तुम! कैसे हो? कहांँ हो भई? लंबे समय बाद बहन की याद आई| आ रहे हो? कब? अरे ये तो बहुत अच्छी बात है| हांँ, हांँ, बिल्कुल आओ| मुझे तुम्हारा इंतजार रहेगा|” “मुदित….मुदित कहाँ हो तुम, “फ़ोन रख स्वाति ने पतिदेव को आवाज़ लगाई| “क्यों … Read more

नाम – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” सुनिये जी..हम कैसे लग रहें हैं…हमारी वजह से शैलेश का मज़ाक तो नहीं होगा ना….।” शीशे में खुद को निहारकर अपनी साड़ी का पल्ला ठीक करती हुई सुनंदा जी अपने पति श्रीकांत बाबू से पूछी तो वो हा-हा करके हँसने लगे…फिर उनके कंधे पर अपने दोनों हाथ रखते हुए बोले,” अब इस उम्र में … Read more

अपमान – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

अपमान और तिरस्कार के बीच जीते-जीते वर्षा की आधी जिंदगी निकल गई। उसका पति, रमेश, रोज शराब पीकर घर आता और अक्सर वर्षा पर हाथ उठाता। उनकी शादीशुदा जिंदगी जैसे नरक बन गई थी। वर्षा का बेटा पाँचवीं कक्षा में और बेटी तीसरी कक्षा में थी। हर दिन के मानसिक और शारीरिक शोषण ने वर्षा … Read more

बहु कितना भी कर ले बेटी नहीं बन सकती – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

सीमा, जो दिखने में सुंदर और स्वभाव से सरल थी, अपने घर और रिश्तों को बखूबी निभाने वाली एक संस्कारी बहू थी। वह हमेशा सबका दिल से स्वागत करती थी, चाहे घर में कितने भी मेहमान क्यों न आ जाएं। उसके स्वभाव और समर्पण के कारण घर में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था। … Read more

बदलाव – अंजनित निज्जर : Moral Stories in Hindi

एक बार की बात है, एक बुजुर्ग व्यक्ति, श्रीराम, अपनी गंभीर बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती हुए। उनके साथ उनके परिवार के सदस्य थे—उनका बेटा, बहू और दो पोते। डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि बीमारी गंभीर है, लेकिन यह छूत की नहीं है। फिर भी, श्रीराम को विशेष देखभाल की जरूरत थी। इलाज के … Read more

“सासूमां मैंने मान लिया बहू कभी बेटी नहीं बन सकती…..”। – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मुस्कान अपने माता पिता की सबसे छोटी बेटी थी।देखने मे सुंदर,गोरा रंग,शर्मीला स्वभाव,संस्कारी आचरण-उसके व्यक्तित्व को आकर्षक बनाते थे। मुसकान का संयुक्त परिवार था।उसके पिता का बड़ा व्यवसाय था तो उसके लालन पालन में कोई कमी नही रखी गयी थी। घर में सबकी लाडली थी वो। अपने दादी बाबा की चहेती,माँ की जान,चाचा चाची की … Read more

फर्ज – मंजू सक्सेना : Moral Stories in Hindi

सुनीता गेट पर खड़ी थीं और उनकी नजरें एयरपोर्ट की तरफ जा रही गाड़ी पर टिकी थीं। अमित और उसकी पत्नी सुलक्षणा को छोड़कर अभी-अभी वह वापस लौटी थीं। मन में अजीब सी कशमकश चल रही थी। पड़ोसन मालती ने जब पूछा, “क्या हुआ, भाभीजी?” तो सुनीता का गुस्सा फूट पड़ा। “अरे… जाते वक्त एक … Read more

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