कौन तार से बीनी चदरिया – अंजना वर्मा : Moral Stories in Hindi

खामोश हवा अचानक गीत पर मृदंग के सुरों से झनकने लगी थी। कड़ी, चिकनी आवाज में वे सब बाहर दरवाजे पर खड़ी होकर गा रही थीं, “जच्चा रानी सोने के पलंग बिछा जा जच्चा रानी सोने के पलंग” सुशील के साथ-साथ किरण ने खिड़की की दरार से बाहर झाँका। ऐसे तो किरण समझ ही गई … Read more

मां का मान पत्नी का अपमान – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

शुभा अभी घर के सुबह के कार्यों को निबटा  ही रही थी कि फोन की घंटी बजी। फोन उठाते ही अंश के स्कूल से फोन था आप जल्दी विद्यालय पहुंचे अंश खेलते खेलते गिर गया है उसे चोट आई है अस्पताल ले जाना पड़ेगा देरी न करें। फोन रख उसने अपनी सास से कहा मम्मी … Read more

सोच- समझ कर बोलना चाहिए – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 कामिनी के घर में किटी पार्टी चल रही थी।सभी महिलाएँ आपस में घर-बाहर की बातें कर रहीं थीं कि तभी मिसेज़ चंद्रा ने अरुणा से पूछ लिया,” अरुणा जी..सुना है कि स्कूल के प्रिसिंपल ने आपको बुलाया था..क्या हुआ…आपके मनु को कोई प्राइज़ मिला है क्या..।” उनके व्यंग्य से अरुणा बहुत आहत हुई और उसे … Read more

बुआ जी – विकास शकरगाए : Moral Stories in Hindi

  बेटी अनु को कालोनी गेट तक स्कूल बस में बैठाकर लौट रही थी तभी विनय का आफिस से फोन आ गया।बताया कि आज मम्मीजी और बुआजी गांव से वहां आ रहे हैं, बुआजी को किसी शादी की खरीददारी करना है। फिर हंसकर बोले  बुआजी आ रही हैं,सुनकर कुछ डर तो लग रहा होगा ना तुम्हें। … Read more

नई रात – मनीष त्यागी : Moral Stories in Hindi

शादी की धूमधाम कुछ कम हो चुकी थी। मेहमान भी काफी हद तक जा चुके थे। उज्ज्वल ने अपने कमरे का रूख किया थोड़ा झिझक कर कमरे का दरवाजा खोला तो नेहा थोड़ा और सिमट कर बैठ गई। “नही तुम्है ज्यादा औपचारिक होने की जरूरत नही है आराम से बैठ जाओ” उज्ज्वल ने शांत लहजे … Read more

एक यशोदा ऐसी भी – मधु जैन : Moral Stories in Hindi

रानो की टोली ताली बजाते हुए गेट के अंदर आकर जोर से आवाज लगाते हुए “लाओ अम्मा लालन की बधाई।” और ढोलक की तान पर यशोदा के घर लालन भयो गाने पर ठुमके लगाने लगी। अम्मा नवजात शिशु को कपड़े में लपेटकर, “ले संभाल इसे, तुम्हारी ही जात का है। ले जाओ यहाँ से।” तभी … Read more

अपमान – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

शहर से थोड़ी दूर पर एक अपार्टमेंट है बहुत ही छोटे से छह सौ गज के घर हैं उसमें ही दो कमरे हॉल रसोई छोटी सी बालकनी जिसमें ही बर्तन कपड़े धोना और सुखाना भी पड़ता है । तीन मंजिला है लिफ्ट नहीं है । वहीं के तीसरे मंजिल के एक घर का माहौल कुछ … Read more

अतीत की परछाई – बरखा शुक्ला : Moral Stories in Hindi

सुहानी आज बहुत सोच में डूबी हुई थी। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि इस पल को किस नजरिए से देखे। आज उसके घर लड़के वाले आने वाले थे, और यह एक अहम दिन था। उसकी मां ने देखा कि सुहानी बहुत चिंतित और घबराई हुई है। वह एक पल के लिए चुप … Read more

अपमान का दंश – निभा राजीव निर्वी : Moral Stories in Hindi

“मैंने कहा ना माँ, मुझे स्मार्टफोन चाहिए तो चाहिए बस….” 18 वर्षीय जीतू ने तमतमाते हुए कहा। “बेटा, अभी तो इतने पैसे नहीं है लेकिन मैं धीरे-धीरे पैसे जमा कर तेरे लिए अवश्य ला दूंगी… बात को समझने का प्रयास कर बेटा..” तुलसी ने रुआंसे स्वर में उसे समझाने का प्रयत्न किया। “मेरे सभी दोस्तों … Read more

“खुद की तलाश: बेटी बनने से बहू बनने तक” – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

नमिता और वृंदा पड़ोसी बहुएं हैं। दोनों की दोस्ती पूरे मोहल्ले में प्रसिद्ध है। दोनों रोज शाम को पास के पार्क में सैर करने अवश्य जाती हैं और इस बहाने मन की बातें भी कर लेती हैं।  एक शाम की सैर के दौरान, वृंदा को कुछ चिंतित और परेशान देख नमिता ने पूछा,  “आज तेरा … Read more

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