अपमान का बदला – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 विधवा  सुलोचना जी ने अपने इकलौते बेटे अमन की शादी, एक सुंदर पढ़ी-लिखी लड़की संध्या से करवाई थी। संध्या किसी प्राइवेट कंपनी में जॉब करती थी और अमन भी एक बहुत अच्छी पोस्ट पर था। खुद सुलोचना की शिक्षिका थी। वह अब रिटायर हो चुकी थी। उनके घर में गोमती नाम की एक लड़की काम … Read more

*अहम* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      दादा जी-दादा जी,क्या हो गया है आपको?हे भगवान घर मे कोई है नहीं, कैसे दादा जी को संभालू?       अरे हाँ, माँ एक बार कह रही थी कि बच्चे और बुजुर्ग की देखभाल में अंतर नही होता।माँ ने भी दादा की ऐसा ही समझ कर सेवा की थी।अधिक सोच विचार न कर शालू तुरंत अपने पति … Read more

अपमान – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

अपमान…सम्मान…. दोनों ही हमारी दृष्टि पर निर्भर करता है। किसी की भूल को भूला देना, अपने कार्यो का मूल्यांकन करने से जीवन सफल हो जाता है। जीवन में सच्ची सफलता समता और विनम्रता के संगम से ही मिलती है। दो सहेलियों की यह कहानी हकीकत का दर्शन कराती है। निशा और माया दोनों पक्की मित्र, … Read more

घर की इज्जत… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

तिवारी जी के बेटे कौस्तुभ ने… इंजीनियरिंग फिर एमबीए करने के बाद… बढ़िया कंपनी में… लाखों के मासिक पैकेज पर नौकरी ज्वाइन की…  विवाह के लिए रिश्तों की लाइन लग गई… तिवारी जी फूले नहीं समा रहे थे…  रिश्तेदारों से लेकर पड़ोसी… बिरादरी के लोग.… एक से एक मुंह मांगी दहेज के साथ… लड़कियों की … Read more

*पुत्रवती* – मधुलता पारे : Moral Stories in Hindi

डिम्पल जल्दी-जल्दी किचन में हाथ चला रही थी अभी सुबह के 7 ही बजे थे, 8ः30 बजे उसे तथा अवनीश को निकलना था दोनों शहर की एक फार्मास्यूटिकल् कम्पनी में काम करते स्वयं का वाहन होने के कारण आधे घंटे में कम्पनी पहुंच जाते थे। घर में उनके अतिरिक्त अवनीश के माता-पिता तथा लगभग 5 … Read more

बहु की शादी – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

आज रमाकांत की बहू की शादी थी… आपने सही सुना, बहू की शादी थी… ये शब्द जैसे पूरे मोहल्ले में गूंज गए थे। लोग हैरान थे, खुश थे, और एक नई मिसाल की तारीफ कर रहे थे। यही वह पल था, जब रमाकांत जी ने दुनिया को एक ऐसी बात दिखाई थी, जिसे शायद बहुत … Read more

मेरी बहु मेरे घर का हिस्सा है – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

तनु… कहां है ओहो, वहां किचन में क्या कर रही है? दो दिनों के लिए मायके आई है, चैन से बैठ ले। आ, मेरे पास बैठ। तब तक बहू गाजर हलवा बना कर यहीं ले आएगी। रागिनी जी ने जोर से आवाज लगाई, अपनी बेटी को ढूंढते हुए। रागिनी जी की आवाज में एक गहरी … Read more

माँ की कमी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

घर के आंगन में हलचल थी। जैसे ही कांता रसोई में घुसने के लिए कदम बढ़ाती है, एक अजीब सी खुशबू उसकी नाक में समाती है। वह यह खुशबू पहचान जाती है—यह सुलोचना जी के हाथों की बनी पकवानों की महक थी। कांता चहकते हुए रसोई में घुसी और उत्सुकता से पूछा, “माला दीदी आ … Read more

माँ की सलाह – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“अरी सुमन की माँ, जितने लाड़ लड़ाने अपनी बेटी को लगा लो, फिर कल को ये चली जाएगी, तो कोई लाड़ लड़ाने वाला नहीं होगा!” यह शब्द सुमन की माँ के कानों में गूंज रहे थे। वे अपनी बेटी सुमन को निहारते हुए यह सोच रही थीं कि उनकी बिटिया का क्या होगा, जब वह … Read more

सही रिश्ते – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

सुमन के जीवन का एक कठिन समय आ चुका था। एक दिन जब वह घर में कुछ काम कर रही थी, तभी उसे एक जोर की आवाज़ सुनाई दी। यह आवाज़ उसके पति मनोहरलाल के कमरे से आ रही थी। वह घबराई और तुरंत कमरे में दौड़ी। देखा कि मनोहरलाल पलंग पर बेहोश पड़े थे, … Read more

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