ना बोलना सीखो – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

बारात में क्या पहनने वाली हो? अलका ने अपनी देवरानी ममता से कहा  वह मैंने इस बार करवा चौथ पर एक साड़ी ली थी, जो मुझे इन्होंने बड़े प्यार से लाकर दी थी वही पहनने वाली हूं, वैसे जीजी आपने तो नई साड़ी ली होगी ना? आखिर देवर की शादी है सबसे बड़ी जेठानी तो … Read more

अपमान से सम्मान तक – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

  सुष्मिता को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि आज उसको इतने बड़े मंच पर उसकी कहानियों के कारण सम्मानित किया जा रहा है ,चारों तरफ तालियों की गूंज से हॉल गूंज रहा था , एक-एक करके सभी साहित्यकार मालायें पहना रहे थे और एक बहुत बड़े फिल्म डायरेक्टर के द्वारा सुष्मिता को शील्ड प्रदान … Read more

माँ का अपमान – वर्तिका दुबे : Moral Stories in Hindi

आज तो हद हो गई…आज जो कुछ भी घर में हुआ मेरी सहनशक्ति अब समाप्त हो गई है.. अर्पिता रोते हुए सोच रही थी,…अभी तक तो उसके पति और सास-ससुर ने ही उसके अपमान का जिम्मा ले रखा था.. आज तो उसके जेठ भी शुरु हो गए ।अर्पिता एक शिक्षित एवं समझदार स्त्री है..उसकी शादी … Read more

छोटा बड़ा कुछ भी नहीं होता – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

आज दुकान में कावेरी बैठी हुई थी, अपनी मां की जगह।वह लोगों को कपड़े सिल भी रही थी और कस्टमर के सिले कपड़े दे रही थी। तभी वहां एक कार आकर रुकी और उसमें उसकी क्लासमेट रोहिणी उतरी। “ मैंने चार दिन पहले यहां पर  कपड़े दिए थे सिलने के लिए वह हो गए क्या?” … Read more

सम्मान-श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

जितनी तेजी से ट्रेन पटरियों पर दौड़ी जा रही थी उतनी ही तेजी से सपना भी अपने यादों में खोई जा रही थी। आज से दो साल पहले, जब वह हाथों में ट्रॉफी लिए दौड़े-दौड़े घर पहुँची थी- “माँ, पापा, भैया, भाभी कहाँ हो आप सब? देखो मुझे क्या मिला है।” सपना खुशी से चिल्ला … Read more

सास बहू का रिश्ता – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

सुषमा और उसकी सास  ऊषा जी मिलजुलकर प्रेम से रहती थी। सुषमा एक संस्कारी सुशील लड़की थी। सुषमा की शादी हुए दो साल हो गए थे। उसे परिवार में सबका स्नेह, प्यार, और सम्मान मिल रहा था। उसे ससुराल में अपनापन मिल रहा था, और वह भी सबकी सुख सुविधा का ध्यान रखती थी। सास … Read more

अपमान – करुणा मलिक: Moral Stories in Hindi

रवीश , आप क्यों बार-बार चाहत को यह महसूस कराना चाहते हो कि अभि से शादी करनी उसकी गलती है। जब हमारी बेटी उसके साथ खुश है तो फिर परेशानी क्या है?  वो उसके साथ खुश नहीं है गीता ! कमाल है कि तुम माँ होकर भी अपनी बेटी का चेहरा नहीं पढ़ सकती । … Read more

न्यूजपेपर – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सर्द हवाओं ने सबको अपनी गिरफ्त में ले लिया है हाथ पैर नाक कमर सब मानो ठिठुरन की जकड़न में आ गए हैं।धूप भी जैसे ठंड से कोई मित्रता निभा रही है और सूरज की तपन को क्षीण करने के लिए पैतरे बदल बदल कर बुढ़ापे के शरीर को तंग करनेकी साजिश कर रही है। … Read more

बेटी कहे तो बीमारी बहू कहे तो बहाना – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

“मम्मी जी आज आप रसोई में क्या कर रही है…?” हैरान हो राशि ने पूछा  “अरे बहू सुन तू भी मेरी थोड़ी मदद कर दे….आठ दस लोगों का खाना बनवाने में मेरी मदद तो कर…!” सास सुलभा जी ने कहा  “ हाँ वो तो ठीक है पर दोपहर का हमारा खाना मैं बना  चुकी हूँ…फिर … Read more

अपमान – चाँदनी झा : Moral Stories in Hindi

चेहरा सब कुछ व्यक्त कर देता है। सही बात है। रीना झूठ बोल रही है। क्या इतने सालों के संबंध के बाद भी तुम्हें मुझ पर भरोसा नहीं है?? तुम क्या किसी मामले में रीना से कम हो?? क्या  मैं एक नौकरानी को गलत नजर से देखूंगा?? उसे गलत इरादे से छुंउगा?? तुमने भरोसा कैसे … Read more

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