सबका समय एक सा नहीं होता – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“ऐ—- तुम जानते नहीं— मैं किसका बेटा हूं”! अगर उन्हें पता चला कि तू बड़ा इस क्लास में इतराते फिरता है— तो फिर तेरी खैर नहीं•••••• ! विकास सारांश को धमकाते हुए बोला  ।  “मैं तुम्हारे पापा को नहीं जानता••• वैसे वह जो कोई भी हो मैंने कुछ किया ही नहीं तो फिर मुझे क्यों … Read more

अपमान – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

पापा के इज्जत का #अपमान #किया है मैने.. बेटी होने का फर्ज मैने नहीं निभाया… ऐसा पापा का कहना है.. पर मैने और नरेन ने पूरे आठ साल इंतजार किया आपकी सहमति का पापा.…                                आखिर में मुझे मजबूरन कोर्ट मैरिज करनी पड़ रही है पापा… मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिन में मेरे जनक और … Read more

भाभी – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

अरे मिन्नी इतनी सारी वेराइटी ?? तुमने बनाई है में मेरे लिए व्हाट ए सरप्राइज़? मिन्नि अपने बालो की एक लट को कान के पीछे करती हुई बोली ” नही सिधि ये तो परिवार के सब सदस्यों ने मिलकर बनाई है ।” सिद्धि तपाक से बोली ” तुम्हारा दिमाग तो सही है कितना समझाया था … Read more

मोहरा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

  देख  वासु ….अब मैं तेरा एक नई सुनने वाली …तू शादी करेगा भी या नहीं …मुझे सच सच बता दे…..जब देखो शादी के नाम पर टाल-मटोल करता रहता है….32 साल का हो गया है बुढ़ा हो जायेगा तब शादी करेगा…? सुमित्रा जी ने शिकायत भरे लहजे में अपने बेटे वासु को हिदायत दी…….I             सुमित्रा जी … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

समझौता – रंजीता पाण्डेय प्रिया अपने साथ काम करने वाले लड़के से बहुत प्यार करती थी |उसी से शादी करना चाहती थी |लेकिन  प्रिया के मां पापा तैयार नहीं थे | क्यों की वो लड़का इनकी जाति का नहीं था |प्रिया की मां ने बोला कुछ भी हो जाए अपने  से अलग जाति में  शादी … Read more

सम्मान – शुभ्रा बैनेर्जी : Moral Stories in Hindi

आज विधि की शादी तय हुई थी।रागिनी अपनी बेटी की शादी तय होने की खुशी में ,एक बड़ी पार्टी देना चाहती थी।आखिर सहेलियों को भी तो पता चले। पार्टी की बात सुनकर विधि ने तपाक से पूछा”पापा को बुलाएंगी ना आप?”तिलमिला उठी थी रागिनी। झिड़कते हुए कहा “पापा,पापा बस पापा।तुझे मुझसे कोई मतलब ही नहीं … Read more

अपमान – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आज रचना की खुशी का पारावार नहीं है। कार तेज गति से चल रही है और रचना के मन की गति उससे भी तेज चल रही है। वह जल्दी से मायके पहुंचकर अपने भैया विशाल के गले लगकर उसे बधाई देना चाहती है। तभी उसका पति अमित ड्राइवर को हिदायत देता है, “अरे सोहन! गाड़ी … Read more

“बहू चाहे कितना भी कर ले.वह बेटी नहीं बन सकती।” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

तुम तो रहने ही दो राघव मुझसे बात मत करो, मम्मी जी की गलती तुम्हें दिखाई ही कहां देती है हर बात पर मुझे ही समझाते रहते हो। जिस दिन से तुम्हारे घर में आई हूं समझौते ही तो करती आई हूं। तुम्हारे जैसे मातृभक्त बेटों की तो शादी ही नहीं होनी चाहिए। मेरी हैसियत … Read more

गॉठ – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

मधुरिमा की शादी के तीसरे दिन ही उसकी सास रुक्मिणी बाथरूम में गिर गईं तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कमर से नीचे तक पूरा प्लास्टर चढ़ा होने के कारण उन्हें कम से कम तीन महीने का बेड रेस्ट कह दिया गया। इतना सुनते ही सभी मेहमान जल्दी से जल्दी घर से जाने की … Read more

मुझे माफ कर दो – अर्चना कोहली ‘अर्चि’ : Moral Stories in Hindi

“पापा आपको याद है न, शनिवार को मेरे कॉलेज का वार्षिक उत्सव है। मैंने भी लघुनाटिका में भाग लिया है। आप समय पर पहुँच जाना और हाँ उसके लिए आप नीले रंग का सूट पहनना । उसमें आप बहुत स्मार्ट लगते हैं।” तुषार ने पिता प्रकाश से कहा। “मस्का।” प्रकाश ने हँसते हुए कहा।    “सच … Read more

error: Content is protected !!