भाभी – खुशी : Moral Stories in Hindi

निशा एक मस्तमौला लड़की थी। अठारह की हुई तो मां बाप शादी की तैयारी में लग गए। धनंजय का रिश्ता आया जो बैंक में मुलाजिम था उसकी उम्र 27 साल थी घर में मां,भाई बहन थे।पिता की मौत हो जाने के कारण धनंजय पर सारी जिम्मेदारी आ गई।भाई बहन छोटे थे। मां बीमार रहती तो … Read more

*उड़ी चेहरे की रौनक* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 सुन रामदीन,देख तू अपना दोस्त है,इसलिये तुझे आगाह करूँ हूँ, तू अपनी छोरी को संभाल।      क्यूँ क्या हुआ रौनक?मेरी कमली ने ऐसा क्या कर दिया है?       अरे, वो अपने मुंशी जी हैं ना,उसके बेटे से वह नैन मटक्का कर रही है।      गलत,मेरी कमली ऐसा कर ही नही सकती,अरे उसे तो अपनी पढ़ाई से ही फुरसत … Read more

एक नया जीवन – हरीश श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

एक नवम्बर को महेश नारायण रिटायर हो गए और घर आ गए।दस नवम्बर को दीपावली थी और अबकी बार तीनों बच्चे साथ आए।देखकर खुशी के साथ साथ आश्चर्य भी हुआ।अपनी पत्नी कमला से बोले कि जरूर कोई बात है जो बिटिया भी पांच साल बाद आई है। घबराइए नहीं सब पता कर लिया है।फिर वह … Read more

अक्ल से काम लेना – नेकराम : Moral Stories in Hindi

पत्नी ने मुझे अकेले में बताया अपना छोटा बेटा खाने-पीने के मामले में सबसे आगे हैं आखिर इस कैसे सबक सिखाया जाए ताकि यह अपनी आदत छोड़ दे मैंने पत्नी को वचन दिया तुम चिंता मत करो शाम को मैं ड्यूटी से जब लौट कर आऊंगा फिर अपने छोटे बेटे को समझाऊंगा अभी मैं ड्यूटी … Read more

मैं तुम्हारी माँ के बंधन मे और नहीं रह सकती – मंजू सक्सेना : Moral Stories in Hindi

  “मैं तुम्हारी माँ के बंधन मे और नहीं रह सकती …मुझे अलग घर चाहिए जहाँ मैं खुल के साँस ले सकूँ”,पलक रवि को देखते ही ज़ोर से चिल्ला उठी। बात बस इतनी थी कि सुलभा ने रवि और पलक को पार्टी मे जाता देख कर इतना कहा था कि वो रात दस बजे तक घर … Read more

प्यारा सा झूठ – भगवती सक्सेना गौड़ : Moral Stories in Hindi

रवीना बिस्तर पर निढाल पड़ी थी। उसकी तबियत कुछ खराब सी लग रही थी। वह चार कमरों के अपने छोटे से घर में अकेली रहती थी। घर का काम करने वाली मेड और कुक अपनी-अपनी शिफ्ट पूरी करके लौट जाते थे। उसका एकमात्र सहारा था उसका भाई, जो कुछ दूर एक छोटे से कस्बे में … Read more

मेरी बहन – एम.पी.सिंह : Moral Stories in Hindi

रचना और खुश्बू बहनें थीं, लेकिन दोनों की जिंदगी की राहें बहुत अलग थीं। रचना, जो घर में सबसे बड़ी थी, एक बेहतरीन कुक थी। उसके हाथों का बना हुआ खाना लोगों को खास बना देता था। वहीं, खुश्बू को खाना बनाना बहुत कठिन लगता था। वह कभी भी रसोई में ज्यादा समय नहीं बिताती … Read more

इस बार लड़का ही होना चाहिए – तृप्ति सिंह : Moral Stories in Hindi

इस बार अगर बेटा नही हुआ तब देखना तू ” राजीव ने अपनी पत्नी सुरेखा की बांह को कस कर पकड़े हुऐ दांत पीस कर बोला। सुरेखा और राजीव की शादी को 10 साल बीत चुके थे, शादी के बाद से ही राजीव और उसके परिवार ने सुरेखा पर हमेशा इस बात का दबाव डालते … Read more

भाभी – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

कपड़े फैलाते-फैलाते ही  अवनी ने समय का अनुमान लगाया। सूरज सिर के ऊपर आ गया है, बारह तो बज ही रहे होंगे। रविवार का दिन बस कहने भर को छुट्टी का दिन होता है. उस दिन तो उसकी  व्यस्तता और भी बढ़ जाती है। जल्दी से नहा कर अवनी रसोई की तरफ़ लपकी, तभी  सास … Read more

भाभी – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

वह मेरी भाभी थी।जबसे भैया उन्हे ब्याह कर के लाए, तब से वह परिवार के लिए समर्पित ही रही।मै चंडीगढ़ में नौकरी कर रहा था एक साल से ।सबकुछ ठीक चल रहा था कि आज भैया ने फोन किया ” तुम्हारी भाभी नहीं रही “।मेरी पत्नी निशा ने तुरंत चलने की तैयारी करने के लिए … Read more

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