आस्तीन के साँप – सरोज माहेश्वरी
दिवाकर का घर शहर की एक शांत कॉलोनी में था। बाहर से देखने पर वह बिल्कुल सामान्य मध्यमवर्गीय घर लगता—दरवाज़े पर तुलसी का गमला, आँगन में छोटी-सी रंगोली, और भीतर दीवारों पर भगवान की तस्वीरें। घर में अनुशासन भी था और संस्कार भी। सास-ससुर उम्र के उस पड़ाव पर थे जहाँ घर की शांति ही … Read more