मेरी दोनों बहुएं आपस में बहन जैसी रहती हैं ! : सुदर्शन सचदेवा : Moral Stories in Hindi

क्या कहा – सुमित्रा बहन ! तेरी दोनों बहुएं बहनों जैसी रहती है  , अच्छा ?  लेकिन आजकल तो ईष्या होती है ं इसने इतनी सुंदर ड्रेस पहनी है , या फिर इतनी सुंदर लग रही है | ज्यादातर तो ऐसे ही होता है  |  हमारे परिवार की खासियत यही है कि सब एक दूसरे … Read more

 मीठी छुरी चलाना : रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

सोना, बहुत ही अच्छी बहु थी।उसके परिवार में मालती जी,(सास)महेश जी(ससुर) तीन ननद, उसके पति सोहन ,और उसका पंद्रह साल का बेटा मुन्ना रहते थे। तीनो नंदो की शादी  हो चुकी थी । सब अपने परिवार में राजी खुशी रहती थी । तीनो ननदे अपनी भाभी , (सोना) का  बहुत ही ज्यादा मान सम्मान करती … Read more

 मेरी दोनों बहू आपस में बहन जैसी रहती हैं : प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सरिता जी मायके आईं थीं। वैसे मायके के नाम पर बड़े भइया का परिवार था, छोटे भाई भाभी ने तो कभी रिश्ता निभाया ही नहीं था। बड़ी भाभी बड़े सरल स्वभाव की थीं, कभी भी मां – बाप की कमी नहीं खलने दिया था उन्होंने। परिवार को एक सूत्र में बांध कर रखने की पूरी … Read more

 अनोखा रिश्ता : डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

शांता चाची को मोहल्ले में सब “नारद मुनि” कहते थे,किसी की कोई जानकारी लेनी हो, नमक मिर्च लगाकर कोई बात इधर से उधर पहुंचानी हो,शांता चाची से बेहतर कोई ये काम नहीं कर सकता था। आजकल टॉप गॉसिप का विषय था सुलोचना जी की दोनो बहुएं…..अभी दो माह ही हुए थे उनके जुड़वां बेटों क्षितिज … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी : डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

मोहन बाबू का मन आज बहुत ही व्यथित और विचलित है। बार-बार पत्नी के उलाहनों से उनका ह्रदय विदीर्ण हो उठा है। सम्मान की सूखी रोटी के समक्ष उन्होंने पैसों की कभी भी परवाह नहीं की।उनके मन में आरंभ से गुरु के प्रति सम्मान की अवधारणा बनी हुई थी। उन्हें ज्ञात था कि गुरु अज्ञान … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी :  स्वाती जैन : Moral Stories in Hindi

सड़क के किनारे एक टीन, जिसके नीचे वहीं एक बुजुर्ग व्यक्ति जिनकी आंखें नहीं थी, वो अपनी छड़ी के सहारे कोने में एक थैले को बगल में दबाए हुए खड़े ठिठुर रहे थे, क्योंकि पानी भरे होने के कारण बैठने की भी जगह नहीं बची थी। बरसात की तरह आज उनकी आंख का पानी भी … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी :  हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 सुनिए… हम अभी से शादी में जाकर क्या करेंगे अभी तो 10 दिन है हम 2 दिन पहले चलेंगे ना..! क्यों क्या हुआ… कुछ परेशानी है क्या?  अगर यही शादी तुम्हारी भतीजी की होती तो 10 की जगह 20 दिन पहले पहुंचने की जिद करती, लेकिन मेरे भाई की बेटी की शादी है तुम तो … Read more

 भावशून्य : लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

दादी माँ प्रणाम, कहते हुए पैर छूकर विमला जी के पोता पोती अपनी माँ के साथ स्कूल के लिए चले गए। यह उनका प्रतिदिन का काम था, स्कूल जाते वक़्त दादी को उनके कमरा मे जाकर प्रणाम करना और फिर स्कूल के लिए निकल जाना और रात मे भी सोने जाने के पहले दादी को … Read more

 आपको बहू नहीं चलता फिरता रोबोट चाहिए : डॉली पाठक : Moral Stories in Hindi

जबसे बच्चों के स्कूल सुबह साढ़े छह बजे से हुए थे… शालिनी को सुबह के पांच बजे हीं जागना पड़ता था… और संयोग तो देखिए कि दोनों देवरानियां भी मायके चली गई हैं एक साथ…. दोनों के मायके में फंक्शन पड़ गया है…. शालिनी सुबह पांच बजे उठी तो सर्वप्रथम गैस पर ससुर जी और … Read more

 झूठ के पाँव नहीं होते : करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

वो ज़माना तो गया बहनजी….जब बस घर-बार देखकर लड़कियाँ ब्याह दी जाती थी । मुझसे मत कहना अपने छोटे बेटे का रिश्ता बताने को । तुम्हें बहू नहीं चलता फिरता रोबोट चाहिए । जैसे तुम्हारे लच्छन है ना …. ब्याह तो होने से रहा ।  इतना कहकर रिश्ते कराने वाली सरस्वती तेज़ी से निकल गई … Read more

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