सम्मान की सूखी रोटी – विमला गुगलानी  : Moral Stories in Hindi

  “ अरी अचला, जल्दी हाथ चला,अभी तक तुझसे चादरें नहीं बदली गई, दोनों कमरे अच्छें से साफ करना, रावी को धूल मिट्टी से बहुत एलर्जी है” मनु बस पहुंचने ही वाला होगा” सावित्री ने मेड अचला को डांटते हुए कहा।  “ और तुम प्रीति अभी तक तुमसे रसोई का काम पूरा नहीं किया गया, भटूरे … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी – अमित रत्ता  : Moral Stories in Hindi

आज आप फिर कोई सब्जी लेकर नही आए क्या बनाऊंगी मैं आपको तो पता है ना माँ जी को सर्दी हुई है भला हम तो लस्सी और आचार के साथ खा लेंगे मगर माँ जी को क्या बोलूंगी कैसे  दूंगी खाना। आज फिर मुझे चार बात सुननी पड़ेंगी। चलो देखती हूँ उनके लिए चाय अचार … Read more

 सम्मान की रोटी – मधु वशिष्ठ  : Moral Stories in Hindi

जब से शीला जी के बेटे रवि ने बताया कि अब हम दिल्ली चलेंगे तो वह अपनी पुरानी यादों में खो गई। शीला जी दिल्ली के बड़े से चौधरी परिवार की बहू और उससे भी बड़े चौधरी परिवार की सबसे छोटी बेटी थी।  परिस्थितियों और सम्मान की सूखी रोटी की चाहत ने उन्हें उड़ीसा में … Read more

 मुझे अधिकार आता है लेना – डॉ बीना कुण्डलिया  : Moral Stories in Hindi

खट खट खट दरवाजे पर जोरों से होती आवाज जैसे ही राधा ने दरवाजा खोला पति सुनील खड़ा था। राधा को देखते ही गिड़गिड़ाने लगा मुझे माफ कर दो राधा मैं बहुत शर्मिन्दा हूँ  सुबह का भुला अगर शाम को घर वापस आ जाये तो उसे भुला नहीं कहते ।अच्छा बहुत बढ़िया इसका मतलब सुबह … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

अमन अभी-अभी ऑफिस से आकर खड़ा ही हुआ था, कि उसके पांच साल के बेटे अनमोल ने पूछा। पापा आप चॉकलेट नहीं लाये। सॉरी बेटा मुझे थोड़ी देर हो रही थी। तो मै भूल गया। मैं अभी लेकर आता हूंँ। अरे क्या आप भी रहने दीजिए एक दिन। अरे नहीं मैं अभी आता हूंँ। तुम … Read more

 मेरी दोनों बहु आपस में बहन जैसे रहती हैं : Moral Stories in Hindi

बनारस शहर’ की एक छोटी सी गली में ‘घनश्याम श्रीवास्तव’ जी का एक परिवार रहता था| उनकी (पत्नी) शकुंतला जी बनारस के इंटर कॉलेज में टीचर का काम करती थी|उनके दो बेटे रवि और राजू थे | रवि (बड़ा बेटा) और राजू (छोटा बेटा) था, दोनों की शादी हो चुकी थी ,रवि के पत्नी का … Read more

 एक क्रम सूखी चुपड़ी रोटी का – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

  “यह क्या माँ, अब आप कोरी रोटी क्यों खा रही है? मेरी थाली मे तो आपने चुपड़ी हुई रोटी परोसी थी। माँ! ईश्वर की कृपा से और तेरी तपस्या के कारण आज तेरा बेटा इतना सक्षम हो गया है कि हम इज्जत से जो चाहें वह खा सकते हैं फिर डॉक्टर ने भी आपको घी … Read more

 घर मिल गया – गीता वाधवानी  : Moral Stories in Hindi

 आज तो साक्षी ने हद ही कर दी थी। इतनी बेइज्जती इतना अपमान अपनी सास का। कल्याणी तो जार-जार रो रही थी अपने कमरे में। तभी उसके पति गिरधर जी ने कमरे में प्रवेश किया और अपनी पत्नी कल्याणी को रोता हुआ देखकर आश्चर्य चकित रह गए और चिंतित होकर पूछने लगे,” क्या हुआ कल्याणी … Read more

सुचिता – सुनीता मुखर्जी श्रुति : Moral Stories in Hindi

अपने देवर संजय की शादी के लिए बहुत जोर शोर से तैयारियां कर रही थी । लड़की इसी शहर की थी, इसलिए शॉपिंग करने के लिए नीतू को भी साथ ले लिया । सासु मां नाक, मुंह सिकुड़ने लगी । बोली, शादी के पहले यह सब ठीक नहीं लग रहा है।  तुम उसका अभी से … Read more

 उसकी क्या गलती है..!! : लतिका श्रीवास्तव  : Moral Stories in Hindi

गली के मोड पर कैब से उसे उतरते देख मै अपलक देखता रह गया था फिर उल्टे पांव वापिस आ गया ..साथ ही वापिस आ गईं वो सारी विस्मृतियां जिन्हें भूलने की गलतफहमी पाले मैं जिंदगी गुजार रहा था। पैंट के पॉकेट में किसी अनछुई अंगूठी को टटोल उठीं थीं मेरी उंगलियां और मन की … Read more

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