प्रायश्चित- पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi
जेल( लॉकअप )की अंधेरी कोठरी में बैठकर आंसू बहाने के सिवाय उसके पास कोई चारा भी नहीं था । ये आंसू पश्चाताप के थे या अपने अपमान के? वह खुद भी यह नहीं समझ पा रहा था। रह-रह कर दांत भिंच जाते और अपनी बेबसी पर अपनी ही मुठ्ठी को दीवार में मार देता। वह … Read more