भगवान से एक दोस्त की शिकायत – मंजू तिवारी
मैं अपनी दोस्त से बहुत प्यार करती हूं। शायद अपने आप से भी ज्यादा फिर भी मैं यह कहना चाहूंगी उसके प्रेम के सामने मेरा प्रेम वोना नजर आता है। जब मैं उसके साथ नहीं होती थी तुम मुझे बड़ी बेचैनी सी होती थी जैसे मेरे शरीर में आत्मा ही नहीं है। शायद उसको भी … Read more